{"_id":"585514114f1c1b676f64d33a","slug":"do-not-try-to-exchange-old-currency","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पुराने नोट बदलवाने के झांसे में न आइए, फंस सकते हैं लुटेरों के जाल में","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुराने नोट बदलवाने के झांसे में न आइए, फंस सकते हैं लुटेरों के जाल में
Sat, 17 Dec 2016 04:02 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sat, 17 Dec 2016 04:02 PM IST
विज्ञापन
1 of 6
पुराने नोट
- फोटो : Self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
अगर कोई आपको पुराने नोट बदलकर नए नोट देने का ऑफर दे रहा है तो सावधान हो जाइए। ये लालच आप पर भारी पड़ सकता है। हरिद्वार के ज्वालापुर में नोट बदलने का झांसा देकर लाखों रुपये की रकम लूटने का ऐसा ही एक मामला सामने आया है।
2 of 6
शातिर युवकों ने जाल बिछाकर सहारनपुर के दो व्यापारियों को नोट बदलने के लिए ज्वालापुर बुलाया था। यहां एक बंद मकान में लेनदेन के समय उनके कुछ साथी प्लानिंग के तहत रकम लेकर भाग निकले। मामला काले धन से जुड़ा होने के कारण अभी लिखित शिकायत पुलिस तक नहीं पहुंची है। वहीं मामला चर्चाओं में होने के बावजूद पुलिस मामले से अनभिज्ञता जता रही है।
3 of 6
पुराने नोट
- फोटो : social media
एक हजार और पांच सौ रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद से लोग नोट बदली की तिगड़म लगा रहे हैं। नोट बदलने के लिए कमीशन का धंधा भी बड़े पैमाने पर चल रहा है। ज्वालापुर के अलग अलग मोहल्ला निवासी कुछ शातिर युवकों ने गैंग बनाकर कालाधन लूटने का प्लान बनाया। जिसके तहत सहारनपुर के दो व्यापारियों को बहला फुसलाकर बुलाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
वारदात
सूत्र बताते हैं कि व्यापारी 18 लाख से ज्यादा की रकम बदलने पहुंचे। यहां अहबाबनगर के नजदीक एक बंद मकान में लेन देन चल रहा था कि युवकों के कुछ साथी अचानक वहां पहुंचे और नगदी झपट कर फरार हो गए। शोर मचाने पर काला धन की बात पकड़ में आने के डर से व्यापारी शातिर युवकों की खुशामद करते रहे, लेकिन आरोपियों ने उन्हें डरा धमका भगा दिया। ये मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन
5 of 6
अपराध
- फोटो : अमर उजाला
अधिकांश युवकों की पहचान भी सबकी जुबान पर है। लेकिन पुलिस इससे अंजान है। जबकि सूत्र यह पूरा प्रकरण कुछ पुलिसकर्मियों की जानकारी में होने का दावा भी करते हैं। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी नवीन चंद्र सेमवाल और रानीपुर कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार किया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।