सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए वायुसेना के हरक्यूलिस विमानों से तीन खेप में पहुंची अमेरिकी ऑगर मशीन को सड़क मार्ग से वापस भेजा जा रहा है। मलबे में लोहे के अवरोधकों के चलते इस मशीन से ड्रिलिंग भले पूरी नहीं कर पाई हो, लेकिन पाइप पुशिंग का काम इसी से संभव हो पाया था।
ऑगर मशीन: विमान से आई थी, सड़क मार्ग से जा रही वापस...सिलक्यारा सुरंग हादसे के दौरान दिल्ली से थी मंगवाई गई
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इस पर सभी को भरोसा था कि यह मलबे में ड्रिलिंग कर एस्केप पैसेज तैयार कर लेगी, लेकिन पहली बार में यह मशीन मलबे में किसी कठोर अवरोध के चलते 22 मीटर ड्रिल कर अटक गई थी।
इसे निकाला गया और इसके बाद यह 51 मीटर ड्रिलिंग कर बुरी तरह लोहे की सरियों व पाइप में फंस गई।
मुश्किल से इसका बरमा और हेड मलबे से निकाला गया और शेष ड्रिल रैट माइनर्स ने हाथों से की, लेकिन पाइप पुशिंग का काम इसी मशीन से किया गया।
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ट्रैंचलेस कंपनी के शंभू मिश्रा ने बताया कि सिलक्यारा से ऑगर मशीन को तीन खेप में ही वापस भेजा रहा है। रविवार को ही इसे तीन ट्रालों में लोड कर दिया गया था।