क्रिकेट विश्वकप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में भारतीय विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी के ग्लव्स पर बने बलिदान बैज के चिन्ह से उपजे विवाद से एक बार फिर मेरठ का नाम अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है, क्योंकि धोनी द्वारा पहने गए ये दस्ताने तीन सप्ताह पहले मेरठ से ही डिलीवर हुए थे।
2 of 8
एसजी के मार्केटिंग डायरेक्टर पारस आनंद के साथ शेन वॉटसन
- फोटो : अमर उजाला
बल्ले की शानदार गुणवत्ता, हाथ से गेंदों की बेहतरीन सिलाई के कारण दुनियाभर में मशहूर मेरठ की खेल इंडस्ट्री की चर्चा आज चारों ओर है। धोनी ने बलिदान बैज लगे जो दस्ताने पहने वो मेरठ की मशहूर बल्ला कंपनी एसजी ने तैयार किए हैं।
3 of 8
एसजी कंपनी में जानकारी लेते क्रिकेटर शेन वॉटसन
- फोटो : अमर उजाला
तीन सप्ताह पहले ही कंपनी ने चार जोड़ी दस्ताने डिलीवर किए थे। यह पहली बार नहीं है, जब किसी बड़े खिलाड़ी ने मेरठ में बने ग्लव्ज पहने हैं। धोनी से पहले विकेट कीपर सैय्यद विरमानी से लेकर पार्थिव पटेल तक मेरठ में बने ग्लव्ज ही प्रयोग करते रहे हैं।
4 of 8
MS Dhoni
- फोटो : social Media
गुणवत्ता वाले कॉटन से होता है तैयार
बैट्समैन की तरह ही विकेटकीपर के ग्लव्ज भी बेहद संवेदनशील एसेसरी है। इन दस्तानों में गुणवत्ता का खास ख्याल रखा जाता है। उच्च क्वालिटी की फोम, कॉटन, रबर व सिंथेटिक कपड़े से दस्तानों का निर्माण होता है।
5 of 8
बलिदान बैज के साथ एमएस धोनी
- फोटो : सोशल मीडिया
आईसीसी के नियमानुसार क्रिकेट की किसी भी प्रतिस्पर्धा विशेषकर अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए बनने वाली एसेसरीज के लिए कोई चिन्ह या स्टीकर लगाने की अनुमति नहीं है। कंपनियां इसका विशेष ख्याल रखती हैं।