होली का त्योहार आने को है, इसको लेकर तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। होली में होलिका दहन का अपना अलग ही एक विशेष महत्व है।
2 of 5
होलिका दहन की तैयारियां करते गांव के लोग
- फोटो : अमर उजाला
यपी के कानपुर देहात में होने वाला होलिका दहन काफी चर्चा में रहता है। यहां पिछले 12 वर्षों से एक विशेष तरीके से होलिका दहन किया जाता है।
कानपुर देहात के जुनेदपुर ग्राम में स्थित बालाजी मंदिर में पर्यावरण को स्वच्छ व देवताओं को प्रसन्न करने के लिए वर्षों से यहां नारियल की होली जलाई जाती है। भोगनीपुर के जुनेदपुर गांव में स्थित बालाजी दरबार में पिछले 12 वर्षों से नारियल की होली जलाई जा रही है। इसके पीछे यहां के लोगों की एक अद्भुत मान्यता है।
मान्यता है कि दरबार में नारियल होली जलाने से जहां देवता प्रसन्न होते हैं। वहीं, भूत-प्रेत बाधा के साथ ही रोगों से भी मुक्ति मिलती है। मंदिर के महंत कमलकांत ने बताया कि पिछले वर्ष 1.25 लाख नारियल की होली जलाई गई थी, जबकि इस बार डेढ़ लाख नारियल की होली जलाने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि दरबार के प्रति भक्तों की श्रद्धा ऐसी है कि दूरदराज क्षेत्र ही नहीं बल्कि गैर जनपद के लोग भी यहां आते हैं। पर्व को लेकर दरबार में तैयारियां शुरू हो गई हैं। एक ओर जहां बैरीकेडिंग लगाई जा रही है, वहीं दरबार को सजाने के लिए भी युवाओं की टोली लगी है।