'मुझे मारने के लिए 50-60 हमलावर तेजधार हथियार लेकर आ रहे थे, पुलिस फोर्स सुरक्षा में तैनात थी मगर उन्हें रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। क्यों?'
टोहाना के गांव समैण में एक कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पर जानलेवा हमला हुआ है। 30-40 युवकों ने कार्यक्रम में जमकर हंगामा किया। मलिक के सिर में चोटें आई हैं।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि 50-60 हमलावर तेजधार हथियार लेकर आ रहे थे। भारी पुलिस फोर्स सुरक्षा में तैनात थी मगर उन्हें रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।
यशपाल मलिक ने कहा कि हमलावरों की मंशा कार्यक्रम में कई हत्याएं करने की थी। समर्थकों ने ही उसे बचाया, भारी पुलिस फोर्स खड़ी ही रही। डीएसपी दहिया और एसएचओ प्रदीप की भूमिका संदेहास्पद है।
यशपाल मलिक ने कहा कि सुरक्षा में भारी पुलिस फोर्स थी, बावजूद इसके हमलावरों को रोकने के लिए कुछ नहीं किया गया। राजनीतिक साजिश के तहत हमला कियागया है और इस हमले का मास्टर माइंड सूबे सिंह समैण है।