मां-बाप जबरन शादी करना चाहते हैं, लेकिन नेशनल प्लेयर बेटी ने ऐसा संकल्प ले लिया, जानकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नमन करेंगे, जानिए।
हम बात कर रहे हैं नेशनल कबड्डी प्लेयर प्रीति की, जो खेल और कैरियर के लिए अपने माता-पिता के खिलाफ बगावत पर उतर आई है। बीस साल की प्रीति का कहना है कि बात सिर्फ एक लड़की की जबरदस्ती शादी कर खेल से दूर करने की नहीं, बल्कि ऐसी हजारों लड़कियों के हक की है जिन्हें उनके परिजन टैलेंट होने के बावजूद चूल्हे चौके तक ही सीमित कर देते हैं।
प्रीति के मुताबिक, उसकी माता-पिता से कोई लड़ाई नहीं, बल्कि उसे पूर्ण विश्वास है कि वह अपने माता-पिता, गांव और देश का नाम रोशन करेगी। प्रीति कहती हैं कि वे कबड्डी में देश को गोल्ड दिला कर मां-बाप का नाम रोशन करेंगी। तब उन्हें अपनी बेटी पर गर्व होगा। महिला दिवस की पूर्व संध्या पर अमर उजाला के रोहतक कार्यालय पहुंची प्रीति ने अपने संघर्ष को साझा किया।
प्रीति ने पिता के खिलाफ उसे खेलने से रोकने व जबरदस्ती शादी करने की कोशिश करने पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी का केस दर्ज कराया था। पानीपत के महावटी गांव की रहने वाली प्रीति रोहतक के झज्जर रोड स्थित वैश्य कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। उसने 11 फरवरी को पुलिस में शिकायत की। पुलिस महानिदेशक के हस्तक्षेप के बाद पिता के खिलाफ 16 फरवरी को मारपीट का मामला दर्ज हुआ।
5 of 7
कबड्डी प्रतियोगिता
- फोटो : अमर उजाला
प्रीति ने बताया कि लड़के और लड़कियों की परवरिश में आज भी भेदभाव किया जाता है। सरकार से लेकर सिस्टम और समाज को बेटियों के हक में आगे आना होगा। 80 प्रतिशत बेटियों को अभी भी अपनी मंजिल तय करना का अधिकार नहीं है। परिवार वाले उसका विवाह जल्दी करना चाहते हैं, जबकि वह देश के लिए मेडल जीतना चाहती है। शादी से इनकार करने पर पिता ने उससे मारपीट की और चैंपियनशिप में जाने से रोकने के लिए चोटिल तक कर दिया।