हमेशा हंसते-मुस्कुराते हुए दिखने वाली अमनप्रीत की निजी जिंदगी में काफी तनाव था। 27 साल की महिला कांस्टेबल अमनप्रीत ने इससे पहले भी खुदकुशी की कोशिश की थी।
पुलिस की महिला कांस्टेबल अमनप्रीत अब इस दुनिया में नहीं रहीं। लुधियाना के थाना जोधा में फंदा लगाकर जान देने वाली कांस्टेबल अमनप्रीत की आत्महत्या मामले की जांच कर रही पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस दिन कांस्टेबल अमनप्रीत ने आत्महत्या की थी, उससे तीन दिन पहले भी उसने फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी।
कांस्टेबल अमनप्रीत ने सुसाइड नोट लिख अपनी दोस्त को भी वाट्सअप पर सेंड किया था। जिसमें उसने लिखा था कि उसकी मौत का जिम्मेदार कोई नहीं है। उसके वाहेगुरु ने उसे सुख नहीं दिया। जिस कारण वह जिंदगी से परेशान हो गई है और आत्महत्या कर रही है। उसके बाद उसने लिखा कि इस बारे में जस्स को बता दिया जाए कि वह मरने जा रही है। यह वहीं जस्स है, जिसका नाम कांस्टेबल अमनप्रीत ने सुसाइड नोट पर लिखा था।
पुलिस अब मामले और भी गहराई में जांच करने में जुट गई है। कांस्टेबल अमनप्रीत कौर की आत्महत्या करने के बाद सोमवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस बस पर पथराव कर तोड़ फोड़ करने वाले ढाई सौ अज्ञात लोगों पर थाना जोधा में मामला दर्ज किया गया है। यह मामला पुलिस ने कांस्टेबल विजय कुमार की शिकायत पर सरकारी ड्यूटी में बाधा डालना, तोड़ फोड़ करना और धमकियां देने के तहत किया गया है।
विजय कुमार की ओर से पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक जोधा में कांस्टेबल अमनप्रीत कौर की आत्महत्या के बाद खराब हुए माहौल के दौरान वह अपने साथियों के साथ सुरक्षा के लिए ड्यूटी करने आ रहे थे तो हुजूम ने उन पर हमला कर दिया और बस में तोड़फोड़ कर दी। उसने किसी तरह से अपनी जान बचाई। ड्राइवर वहां से गाड़ी भगाकर ले गया।