राम रहीम के जेल जाने के बाद बेटे को डेरा सच्चा सौदा की गद्दी मिल सकती है।
डेरा सच्चा सौदा के नए गद्दीनशीन (डेरा प्रमुख) को लेकर चर्चा का दौर जारी है, लेकिन डेरा सच्चा सौदा की ओर से बनाए गए ट्रस्ट की डीड के अनुसार इस मामले में सिर्फ डेरा प्रमुख ही फैसला लेने का अधिकार रखता है। इस ट्रस्ट डीड में यह भी लिखा गया है कि डेरा प्रमुख के वंश का ही कोई बालिग सदस्य डेरे का अगला प्रमुख होगा।
3 of 7
प्रियंका तनेजा ऐसे बनी राम रहीम की हनीप्रीत
डेरा सच्चा सौदा सिरसा की ओर से 12 अगस्त 2004 को वेलफेयर ट्रस्ट बनाया गया था, जिसका पंजीकरण नंबर 5234 है। इसमें डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को ट्रस्ट का संरक्षक घोषित किया गया था। इस ट्रस्ट के अनुसार डेरा प्रमुख को सभी अधिकार दिए गए थे कि वह इस ट्रस्ट को अपनी इच्छानुसार चलाएगा।
4 of 7
प्रियंका तनेजा ऐसे बनी राम रहीम की हनीप्रीत
इसके साथ ही उसको डेरे के अगले गद्दीनशीन का फैसला करने का अधिकार भी दिया गया था। इस ट्रस्ट के अनुसार डेरे का अगला गद्दीनशीन डेरा प्रमुख के वंश का बालिग सदस्य ही बनेगा। यदि उसके वंश से पुरुष सदस्य नहीं मिलता या वह स्वयं गद्दी लेने से इंकार कर देता है तो ट्रस्टी दो तिहाई बहुमत के साथ किसी अन्य को गद्दीनशीन बना सकते हैं।
5 of 7
राम रहीम को साध्वी रेप केस में सजा
इस ट्रस्ट के ट्रस्टी मंगतू सिंह निवासी गुरूसर मोडिया, मोहन सिंह निवासी 22 एम.डी. चक्क राजस्थान, प्रदूमन सिंह निवासी कनाडा, पृथ्वीराज नैन निवासी गुरूसर मोडिया, रामसिंह निवासी असपाल कलां, संपूर्ण सिंह निवासी अमरपुरा राठां राजस्थान, सुखदेव सिंह निवासी सिरसा को बनाया गया था। इस ट्रस्ट के अलावा और समितियों का जिक्रभी इस ट्रस्ट डीड में किया गया है। जिसमें कार्यकारी समिति में डेरा प्रमुख के बेटे जसमीत सिंह को मैंबर बनाया गया है।