सात फेरे लिए दो दिन नहीं हुए थे कि दूल्हा-दुल्हन पर कहर टूट पड़ा। ऐसा होने की वजह भी ऐसी है कि सुनने वाला हर इंसान चौंक जाता है।
मामला हरियाणा के पानीपत का है। सफीदों में गोत्र विवाद की वजह से एक युवक और युवती का दांपत्य जीवन शादी के दो दिन बाद ही संकट में पड़ गया। आरोप था कि युवक का पड़ोसी कह रहा है कि शादी तोड़ दो। पड़ोसी का कहना है कि लड़की का गोत्र और उसका गोत्र एक है। इसलिए युवती उसके गांव में शादी नहीं कर सकती। मामले में लड़की के मायके में पंचायत हुई।
पंचायत ने शादी को सही माना, लेकिन युवक का पड़ोसी पंचायत के फैसले को मानने को तैयार नहीं हुआ। उसने शादी तोड़ने या लड़का-लड़की को गांव छोड़ने का परमान सुना दिया है। इससे परेशान युवती ने सफीदों पुलिस में शिकायत कर दी। इसके बाद बुधवार देर शाम पानीपत के उरलाना पुलिस चौकी में दोनों पक्षों की पंचायत हुई। इसमें दोनों गोत्रों के बीच करीब 40 साल से चले आ रहे भाईचारे को खत्म करने का फैसला लिया गया।
कुलदीप के पिता रणदीप ने बताया कि पंचायत में शादी बने रहने का फैसला लिया है। वे वीरवार को दुल्हन को लेने सफीदों जाएंगे। इससे पहले, लड़की सुषमा रानी ने सफीदों पुलिस को शिकायत देकर कहा था है कि दो दिन पहले 15 मई को उसकी शादी पानीपत जिले के उरलाना खुर्द गांव निवासी कुलदीप के साथ हुई। युवती लांग्यान गोत्र से है। जिस घर में युवती की शादी हुई है, उसके पड़ोस में कोई लांग्यान गोत्र का परिवार रहता है।
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युवती का कहना था कि शादी के दिन से ही पड़ोसी परिवार शादी का विरोध कर रहा है। पड़ोसी का कहना है कि लांग्यान गोत्र की लड़की इस गांव में बहु बनकर कैसे आ गई। गोत्र विवाद में पंचायत भी हुई। लड़की का कहना है कि पंचायत ने पुराने रिश्ते को लेकर सामने आए तथ्यों को देखते हुए उनके रिश्ते को निभाने की बात कही, लेकिन युवक का पड़ोसी पंचायत की बात को मानने के लिए तैयार नहीं हुआ।