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Chandigarh-Haryana News: विज्ञान और गणित के शिक्षकों के खाली पदों का मांगा ब्योरा
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स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर शिक्षकों की जरूरत का आकलन किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित के प्रवक्ताओं की कमी दूर करने की कवायद शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा महानिदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से इन विषयों के शिक्षकों के रिक्त पदों का ब्योरा मांगा है। रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर ईमेल से भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने यह कवायद शैक्षणिक सत्र 2026-27 में दाखिले और स्ट्रीम आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू की है। स्कूलों में विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या के आधार पर शिक्षकों की जरूरत का आकलन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलवार रिपोर्ट तैयार करवानी होगी जिसमें स्कूल का नाम, स्कूल कोड, वर्तमान में कार्यरत प्रवक्ताओं की संख्या और विषयवार आवश्यक पदों की सही संख्या दर्ज हो। रिपोर्ट को भेजने से पहले उसका सत्यापन भी करना होगा। विज्ञान व गणित के शिक्षकों की कमी के कारण कई स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभाग की इस कवायद के बाद खाली पदों को नियुक्ति या समायोजन से भरने जाने की संभावना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित के प्रवक्ताओं की कमी दूर करने की कवायद शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा महानिदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से इन विषयों के शिक्षकों के रिक्त पदों का ब्योरा मांगा है। रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर ईमेल से भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने यह कवायद शैक्षणिक सत्र 2026-27 में दाखिले और स्ट्रीम आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू की है। स्कूलों में विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या के आधार पर शिक्षकों की जरूरत का आकलन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलवार रिपोर्ट तैयार करवानी होगी जिसमें स्कूल का नाम, स्कूल कोड, वर्तमान में कार्यरत प्रवक्ताओं की संख्या और विषयवार आवश्यक पदों की सही संख्या दर्ज हो। रिपोर्ट को भेजने से पहले उसका सत्यापन भी करना होगा। विज्ञान व गणित के शिक्षकों की कमी के कारण कई स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभाग की इस कवायद के बाद खाली पदों को नियुक्ति या समायोजन से भरने जाने की संभावना है।
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