आलू न बिकने पर मजबूरी में सिर्फ बोरी बचाने के लिए ही आलू फेंक दिए, क्योंकि आलू का अब कोई खरीदार ही नहीं मिल रहा है।
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किसानों ने सड़कों पर फेंके आलू
- फोटो : अमर उजाला
अब ऐसा नजारा देखने के मिला पंजाब के बरनाला में, जहां भारतीय किसान यूनियन एकता लक्खोवाल की तरफ से आलू की फसल की बेकद्री को लेकर वीरवार को शहर की सड़कों और डीसी दफ्तर के सामने पर आलू फेंककर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
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किसानों ने सड़कों पर फेंके आलू
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किसान आलू फेंकते हुए डीसी दफ्तर के समक्ष पहुंचने लगे तो डीएसपी पलविंदर सिंह चीमा की अगुवाई में डीसी कांप्लेक्स में खड़ी भारी पुलिस फोर्स ने किसानों को आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान पुलिस और किसानों में झड़प हो गई और किसान डीएसपी को धकेलते हुए बेरिकेड तोड़कर डीसी दफ्तर जा पहुंचे और सारा डीसी कांप्लेक्स आलू की फसल बिखेर भर दिया।
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किसानों ने सड़कों पर फेंके आलू
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किसानों के मुताबिक उनको बेशक गोली मार दी जाए, लेकिन वह डीसी दफतर पहुंचकर ही दम लेंगे। आखिर किसान डीसी आफिस पहुंचकर आलू बिखेरने में कामयाब हो गए। इस अवसर पर किसान यूनियन के महासचिव हरिंदर सिंह लक्खोवाल ने कहा कि सरकारों व प्रशासन की अनदेखी के कारण पंजाब का किसान बर्बादी के किनारे पर है।
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किसानों ने सड़कों पर फेंके आलू
किसान यूनियन मांग कर रही थी कि आलू उत्पादकों को मौजूदा संकट से निकालने के लिए पंजाब व केंद्र सरकार ठोस कदम उठाए और उनको ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दे। किसानों की आर्थिक हालत तुरंत सुधारनी चाहिए। किसान यूनियन ने एलान किया कि अगर किसानों को जल्दी राहत न प्रदान की गई तो और भी तीखा संघर्ष छेड़ा जाएगा। इसकी सारी जिम्मेवारी राज्य सरकार व केंद्र सरकार की होगी।