{"_id":"58c14e6f4f1c1b6133dc4575","slug":"punjab-assembly-election-polling-result-on-11-march","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"देखिए, पंजाब में अगर किसी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला तो कैसे बनेगी सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देखिए, पंजाब में अगर किसी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला तो कैसे बनेगी सरकार
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 10 Mar 2017 06:04 PM IST
विज्ञापन
पंजाब विधानसभा चुनाव
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब में अगर किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो सूबे में सरकार बनाने के लिए कौन-कौन से दलों के बीच गठजोड़ होना संभव है, यहां देखिए...
पंजाब विधानसभा चुनाव 2017
- फोटो : File Photo
अलग-अलग हलकों से प्राप्त हुए वोटरों के रुझान से यही निष्कर्ष निकला कि अधिकांश विधानसभा सीटों पर मुकाबला कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच रहा। शिअद-भाजपा गठबंधन के इस दौड़ में तीसरे स्थान पर पिछड़ने की आशंका जताई गई है। प्रदेश का मालवा क्षेत्र जहां सबसे अधिक 69 विधानसभा हलके हैं और इसी क्षेत्र में सर्वाधिक सीटें जीतने वाली पार्टी की ही हमेशा सरकार भी बनती रही है, में कांग्रेस और आप के बीच बराबर की टक्कर दिखाई दी।
पंजाब विधानसभा चुनाव
- फोटो : फाइल फोटो
माना जा रहा था कि डेरा सच्चा सौदा द्वारा इन चुनावों में शिअद-भाजपा गठबंधन को समर्थन दिए जाने से मालवा क्षेत्र में 35 लाख से अधिक डेरा प्रेमियों के वोट गठबंधन की झोली में चले जाएंगे, लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट में ऐसा प्रभाव भी दिखाई नहीं दिया, उलटे शिअद को इस समर्थन के चलते अपने पारंपरिक पंथक वोटरों की नाराजगी झेलनी पड़ी है, जो मतदाताओं से बातचीत में उभर कर सामने आई।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंजाब विस चुनाव
- फोटो : File Photo
ग्राउंड रिपोर्ट में ही यह बात भी सामने आई कि गुर्जर और दलित वोटरों का ज्यादा झुकाव आप की तरफ देखा गया। शिअद के नाराज पंथक वोटर भी कांग्रेस और आप की ओर जाते दिखाई दिए हैं। इस तरह, माना जा रहा है कि 19-20 के अंतर से जीत का सेहरा कांग्रेस या आप के सिर बंध सकता है, लेकिन यह केवल अनुमान है क्योंकि अगर डेरा प्रेमियों के सभी वोट गठबंधन की झोली में गए तो चुनाव के नतीजे बिल्कुल अलग होंगे और तीनों ही दाबेदारों में कोई भी पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सकेगा।
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
एक नजर वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव नतीजों पर डालें तो, प्रदेश में शिअद-भाजपा गठबंधन ने अप्रत्याशित जीत हासिल कर सत्ता में कब्जा जमाए रखा था। यह जीत इतनी अप्रत्याशित थी कि उस समय के सभी सर्वे रिपोर्ट में कांग्रेस को अगली सरकार बनाते हुए दिखाया गया था। और तो और, मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी नतीजों का अनुमान लगाकर, नतीजे आने से पहले ही परिवार सहित विदेश घूमने निकल गए थे।