देश के एक गांव की अनोखी प्रथा के बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। अगर इस गांव से दुल्हन लाना चाहते हैं तो पहले आपको एक काम करना होगा।
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हरियाणा के गांव कालुआना में अनोखा रिवाज
- फोटो : फाइल फोटो
ये गांव है, हरियाणा राजस्थान बॉर्डर पर बसा कालुआना। इस गांव में बरसों से एक प्रथा चली आ रही है। गांव की बेटी को दुल्हन बनाने से पहले दान देना होगा। ये गांव है कालुआना,। यहां दुल्हन ले जाने से पहले दूल्हे को शिक्षा के लिए दान देना पड़ता है। दूल्हे की ओर से दिया गया दान कालूआना वेलफेयर शिक्षा समिति को मिलता है। इसी तरह मिले दानों को समिति करीब 30 से 35 गांवों की 300 बेटियों को पढ़ाने पर खर्च करती है। यह प्रथा पिछले करीब सात साल से चली आ रही है।
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हरियाणा के गांव कालुआना में अनोखा रिवाज
- फोटो : फाइल फोटो
डेढ़ साल तक दफ्तरों के चक्कर काटेः डेढ़ साल तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद जब न्याय नहीं मिला तो आखिरकार उस समय के सरपंच जगदेव सहारण ने कालूआना वेलफेयर शिक्षा समिति बनाकर जोहड़ को भरने की ठानी। युवाओं के जोश के आगे किसी का बस नहीं चला। जोहड़ भर दिया गया। सरकारी ग्रांट से धड़ाधड़ कमरे खड़े हो गए।
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हरियाणा के गांव कालुआना में अनोखा रिवाज
- फोटो : File Photo
खर्च पूरा करने को शुरू की गई प्रथाः बसों में तेल, स्टॉफ का पूरा खर्च समिति वहन करती है। यहां तक कि समिति ने अपने खर्च पर गांव कालूआना के शिक्षण संस्थानों में गणित, अंग्रेजी, केमिस्ट्री के प्राध्यापकों साथ-साथ हिंदी, जेबीटी विषयों के अध्यापक भी नियुक्त कर रखे हैं। पूरा खर्च वहन करने के लिए यह अनोखी प्रथा की शुरुआत हुई। गांव की बेटी को अपनी दुल्हन बनाने के लिए गांव में आने वाले दूल्हे से शिक्षा का दान लेना शुरू किया गया। यह प्रथा आज भी प्रचलित है।
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हरियाणा के गांव कालुआना में अनोखा रिवाज
- फोटो : File Photo
दुल्हन का पिता मांगता है ये दानः यह दान दुल्हन का पिता मांगता है। इससे समिति को लाखों रुपये की आमदन होती है। जिससे उपरोक्त खर्चा चलता है। गांव में होने वाले लड़ाई-झगड़े जो पंचायत स्तर पर निपटते हैं। ऐसे झगड़ों में संबंधित पक्षों को जो जुर्माना लगाया जाता है। जुर्माना राशि को समिति के एकाऊंट में जमा करवाया जाता है। यहीं नहीं फसली सीजन के दौरान समिति सदस्य जमींदारों से उगाही करते हैं। समिति को उपरोक्त दोनों साधनों से आमदन होती है।