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देखिए एक दरगाह, जहां कुत्तों के लिए रोज लगता है लंगर
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहबाद(हरियाणा)
Updated Sun, 15 Jan 2017 09:23 AM IST
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अनोखी मजार, जहां कुत्तों के लिए रोज लगता है लंगर
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आपको जानकर हैरानी होगी कि देश में एक ऐसी दरगाह है, जहां हर रोज कुतों के लिए लंगर लगाया जाता है। देखिए तस्वीरें।
अनोखी मजार, जहां कुत्तों के लिए रोज लगता है लंगर
ये दरगाह मौजूद है, हरियाणा के शाहबाद में। इसका नाम है नौगजा पीर, जहां हर शाम सैंकड़ों कुत्तों को लंगर खिलाया जाता है। इससे पहले पंजाब के राजपुरा में भी कुत्तों के लिए लंगर लगता है। दरगार पर शारदा देवी की पुण्य तिथि पर हर साल विशाल लंगर लगाया जाता है। गुरु गद्दी पर आसीन विनय व विजय शुक्ला पिछले 9 सालों से बेजुबानों के लिए लंगर लगा रहे हैं।
अनोखी मजार, जहां कुत्तों के लिए रोज लगता है लंगर
विनय और विजय शुकला बताते हैं कि शारदा देवी की पुण्य तिथि पर सालाना भंडारे के साथ-साथ रोजाना कुत्तों के लिए 10 किलो के राशन से लंगर तैयार किया जाता है। वीरवार को भी एक क्विंटल पनीर, एक क्विंटल आटा व देसी घी के मिश्रण से चूरमा तैयार किया गया। उसके बाद लोगों ने लंगर कुत्तों को पत्तलों में परोस दिया।
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अनोखी मजार, जहां कुत्तों के लिए रोज लगता है लंगर
विनय और विजय बताते हैं कि चूरमे के अलावा मिस्सी रोटी, लस्सी समेत दूसरे व्यंजनों का भोग लगाता है। लोग और सेवादार गेट पर खड़े होकर आयो..आयो की आवाज लगाते हैं। देखते ही देखते दूरदराज बैठे कुत्तों का झुंड इक्ट्ठा हो जाता है। विनय-विजय हाथों से इन्हें भोग लगाते है। लोग भी घरों से कुत्तों के लिए कई प्रकार के व्यंजन बनाकर लाते हैं।
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अनोखी मजार, जहां कुत्तों के लिए रोज लगता है लंगर
पंजाब में पटियाला चंडीगढ़ रोड पर (गंडाखेड़ी नहर के साथ) गांव खानपुर के 800 परिवारों को कुत्तों में भगवान नजर आते हैं। वे तब तक खाना नहीं खाते, जब तक कुत्तों को भोग न लगा लें। दशकों से इनकी पूजा होती है। ये कोई आम कुत्ते नहीं, बल्कि करोड़ों की जायदाद के मालिक हैं। यहां इनका डेरा है। लगभग 160 बीघे जमीन यहां रहने वाले कुत्तों के नाम पर है।