पूरी दुनिया में अपने गानों के जरिये धूम मचाने वाले पंजाबी गायक शुभदीप सिंह उर्फ सिद्धू मूसेवाला की हत्या को आज दो साल पूरे हो गए हैं। परिवार और फैंस आज भी न्याय की आस में बैठे हैं। मूसेवाला के शरीर को तो गोलियों से छलनी कर दिया गया था लेकिन वो आज भी अपने चाहने वालों के दिलों में जिंदा है। हत्याकांड के दो साल बाद भी हत्या से जुड़ी ऐसी कई बाते हैं जिन्हें अभी तक लोग नहीं जानते। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ अनसुनी बातें...
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एक था मूसेवाला: दो साल पहले गोलियों से भून दिया गया था सिद्धू... पढ़ें जघन्य हत्या की अनसुनी बातें
Wed, 29 May 2024 12:10 PM IST
निवेदिता वर्मा
भारत भूषण मित्तल, संवाद, बठिंडा (पंजाब)
भारत भूषण मित्तल, संवाद, बठिंडा (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 29 May 2024 12:10 PM IST
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सिद्धू मूसेवाला
- फोटो : संवाद
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Sidhu moosewala
- फोटो : फाइल
29 मई को हुई थी हत्या
सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई 2022 को हुई थी। लेकिन आरोपी इससे पहले भी उसकी जान लेने की कोशिश कर चुके थे। आरोपियों ने 27 मई 2022 को मानसा के बाजार में मूसेवाला की गाड़ियों का पीछा किया था, लेकिन रास्ता भटक जाने कारण वे अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए थे।
सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई 2022 को हुई थी। लेकिन आरोपी इससे पहले भी उसकी जान लेने की कोशिश कर चुके थे। आरोपियों ने 27 मई 2022 को मानसा के बाजार में मूसेवाला की गाड़ियों का पीछा किया था, लेकिन रास्ता भटक जाने कारण वे अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए थे।
Sidhu moosewala
- फोटो : फाइल
हर समय होती थी मूसेवाला की रेकी
सिद्धू मूसेवाला की रेकी करने के लिए विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के गुर्गे हर समय मूसेवाला की कोठी के बाहर तैनात रहते थे, जो मूसेवाला से जुड़ी हर एक पल की खबर को फोन के जरिये बराड़ को बताते थे।
सिद्धू मूसेवाला की रेकी करने के लिए विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के गुर्गे हर समय मूसेवाला की कोठी के बाहर तैनात रहते थे, जो मूसेवाला से जुड़ी हर एक पल की खबर को फोन के जरिये बराड़ को बताते थे।
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Sidhu moosewala
- फोटो : फाइल
पार्सल ट्रक में बैठ कर गुजरात गए थे आरोपी
मूसेवाला की हत्या के बाद सभी आरोपी बड़ी आसानी से पंजाब से हरियाणा के फतेहाबाद तक पहुंच गए थे। उसके बाद सभी आरोपी एक पार्सल ट्रक के जरिये गुजरात पहुंच गए थे।
मूसेवाला की हत्या के बाद सभी आरोपी बड़ी आसानी से पंजाब से हरियाणा के फतेहाबाद तक पहुंच गए थे। उसके बाद सभी आरोपी एक पार्सल ट्रक के जरिये गुजरात पहुंच गए थे।
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Sidhu moosewala
- फोटो : फाइल
खराब गाड़ी को ठीक करवाने के लिए भेजे थे 40 हजार
मूसेवाला की हत्या के बाद चली पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जिस बोलेरो गाड़ी को हत्याकांड के लिए प्रयोग किया गया था वो खराब हो गई तो उसे मानसा तलवंडी रोड पर एक ईंट भट्ठे पर खड़ा कर दिया था। उसके बाद शूटर मनप्रीत एवं जगरूप ने उसे गांव मूसे के पास एक वर्कशॉप पर खड़ा कर दिया। इस गाड़ी को ठीक करवाने के लिए गोल्डी ने केशव के भाई कमल के खाते में चालीस हजार रुपये भेजे थे।
जांच के दौरान पता चला कि 27 मई को मूसेवाला के घर के आगे खड़े गोल्डी के गुर्गों ने आरोपियों को सूचना दी कि सिद्धू की गाड़ी मानसा के बाजार की तरफ चली गई है। इसके बाद आरोपी मनप्रीत, जगरूप, फौजी और कशिश बलेरो गाड़ी में सवार हो गए और उन्होंने सिद्धू की गाड़ियों का पीछा किया। इसी दौरान फौजी ने अंकित को फोन किया कि उनकी गाड़ी पीछे रह गई, उन्हें साथ लेकर जाएं। इस पर अंकित ने केशव को वापस बलेरो गाड़ी के पास भेज दिया।
27 मई को ही मनप्रीत एवं जगरूप शूटर ने फौजी, अंकित के साथ मिलकर सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने की योजना बनाई थी, लेकिन सभी आरोपी आपस में बिछड़ गए जिस कारण उस दिन हत्या की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। इसके बाद सभी आरोपी फतेहाबाद चले गए थे और आल्टो गाड़ी में सवार दीपक मुंडी एवं निक्कू अपने उकलाने वाले कमरे में चले गए थे।
मूसेवाला की हत्या के बाद चली पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जिस बोलेरो गाड़ी को हत्याकांड के लिए प्रयोग किया गया था वो खराब हो गई तो उसे मानसा तलवंडी रोड पर एक ईंट भट्ठे पर खड़ा कर दिया था। उसके बाद शूटर मनप्रीत एवं जगरूप ने उसे गांव मूसे के पास एक वर्कशॉप पर खड़ा कर दिया। इस गाड़ी को ठीक करवाने के लिए गोल्डी ने केशव के भाई कमल के खाते में चालीस हजार रुपये भेजे थे।
जांच के दौरान पता चला कि 27 मई को मूसेवाला के घर के आगे खड़े गोल्डी के गुर्गों ने आरोपियों को सूचना दी कि सिद्धू की गाड़ी मानसा के बाजार की तरफ चली गई है। इसके बाद आरोपी मनप्रीत, जगरूप, फौजी और कशिश बलेरो गाड़ी में सवार हो गए और उन्होंने सिद्धू की गाड़ियों का पीछा किया। इसी दौरान फौजी ने अंकित को फोन किया कि उनकी गाड़ी पीछे रह गई, उन्हें साथ लेकर जाएं। इस पर अंकित ने केशव को वापस बलेरो गाड़ी के पास भेज दिया।
27 मई को ही मनप्रीत एवं जगरूप शूटर ने फौजी, अंकित के साथ मिलकर सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने की योजना बनाई थी, लेकिन सभी आरोपी आपस में बिछड़ गए जिस कारण उस दिन हत्या की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। इसके बाद सभी आरोपी फतेहाबाद चले गए थे और आल्टो गाड़ी में सवार दीपक मुंडी एवं निक्कू अपने उकलाने वाले कमरे में चले गए थे।