जब देश में तीन तलाक का मुद्दा गर्म है, ऐसे में इसके पीड़ितों की दर्द भरी कहानियां सबको हिला दे रही हैं। तीन तलाक का दंश कितना दर्द भरा है ये आपको इस महिला कह ज़िंदगी के बारे में जानकर पता चल जाएगा।
ये हैं डॉक्टर रुबीना तबस्सुम। जो पेशे से डॉक्टर हैं, लोगों की सेवा करना इनका पहला धर्म है, लेकिन निजी ज़िंदगी में वो क्या कुछ सहती हैं ये शायद किसी को मालूम तक नहीं होगा। 27 साल से लुधियाना में रह रही डा. रुबीना तबस्सुम ने पति की ओर से पत्र में तीन तलाक दिए जाने के मामले में इंसाफ की गुहार लगाई है।
इंसाफ के लिए वह पिछले छह साल से भटक रही हैं। अभी भी न्याय नहीं मिल पाया है। डा. रुबीना ने वुमन सेल दुगरी थाने में शिकायत दी। यही नहीं प्रधानमंत्री को भी इस मामले में इंसाफ की गुहार लगा चुकी है।
लुधियाना के बीआरएस नगर निवासी 56 वर्षीय रुबिना ने बताया कि उसके पति एक साइंटिस्ट हैं और वह खुद सीएमसी में डाक्टर है। वर्ष 2008 में नोएडा में रोड एक्सीडेंट में उनके बेटे की मृत्यु हो गई थी। जवान बेटे की मौत का पहाड़ तो टूटा ही था, लेकिन परिवार ने रुबिना का साथ यहां से छोड़ दिया। उसके बाद से परिवार वालों ने परेशान करना शुरू कर दिया था।
परिवार का मानना है जिसके औलाद नहीं, वह पत्नी बनने के काबिल भी नहीं है। उन्होंने यह कहा कि उसका पति अधिकतर बाहर ही रहता था। पति के परिवार वालों की ओर से अपशब्द कहे जाते थे। यहां तक कि जान से मारने की धमकियां भी कई बार दी गईं। इस मामले में उन्होंने दुगरी थाने में भी शिकायत दर्ज कराई और वुमन सैल में भी।