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दोपहिया वाहनों के 'हीरो' की ये 6 बातें नहीं जानते होंगे आप

Tue, 03 Nov 2015 09:39 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 03 Nov 2015 09:39 AM IST
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दोपहिया वाहनों के 'हीरो' की ये 6 बातें नहीं जानते होंगे आप

tribute to business tycoon and hero moto corp chairman BM munjal

दुनियाभर में दोपहिया वाहनों में टॉप ब्रांड में शुमार हीरो ग्रुप के संस्थापक बी.एम. मुंजाल आज हमारे बीच नहीं रहे। देखिए, उनसे जुड़ी 6 अनसुनी बातें।

दोपहिया वाहनों के 'हीरो' की ये 6 बातें नहीं जानते होंगे आप

tribute to business tycoon and hero moto corp chairman BM munjal

मुंजाल 92 साल के थे। बिना किसी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के 45 हजार करोड़ का एम्पायर खड़ा कर पूरी दुनिया को दो पहियों पर घुमाने वाले मुंजाल जब बंटवारे के समय यहां आए तो उनके पास एक बैग था। उसमें साइकिल के थोड़े से कल-पुर्जे। यही कुल जमा-पूंजी थी। बाकी सब वे छोड़ आए थे। उसके बाद उन्होंने हीरो की शुरुआत की।

दोपहिया वाहनों के 'हीरो' की ये 6 बातें नहीं जानते होंगे आप

tribute to business tycoon and hero moto corp chairman BM munjal

मुंजाल के निधन के साथ ही मुंजाल परिवार को पिछले 10 माह में तीसरा बड़ी क्षति हुई है। फरवरी 2014 में श्रीमती सुदर्शन मुंजाल, अगस्त 2015 में ओ.पी. मुंजाल के निधन के पश्चात 1 नवम्बर 2015 को बृज मोहन मुंजाल भी नहीं रहे।

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वर्ष 1952 में बी. मुंजाल चार भाइयों के साथ पंजाब प्रांत के टोबा टेकचंद जिले के कमालिया इलाके (अब पाकिस्तान) से पैदल अमृतसर पहुंचे थे। तनाव के उस दौर में रहने-खाने तक के लाले थे। फिर एक ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करने के बाद 1954 में उन्होंने लुधियाना में साइकिल चेन बनाने का काम शुरू किया।

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दो साल बाद 1956 में पंजाब सरकार ने लुधियाना में साइकिल बनाने के 12 लाइसेंस देने का टेंडर निकाला, जिसे मुंजाल ने अपने तीन भाइयों के साथ मिलकर हासिल कर लिया। साथ ही ‘हीरो साइकिल’ दौड़ पड़ी। कुछ ही साल में ये लार्ज स्केल इंडस्ट्रियल यूनिट में शामिल हो गई। उनके नेतृत्व में कंपनी ने सबसे ज्यादा साइकिल एक्सपोर्ट करने का खिताब भी जीता।

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