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पुलिस को देख कांपीं युवतियां...आखिर ये तो होना ही था

Wed, 01 Jul 2015 09:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब) Updated Wed, 01 Jul 2015 09:36 AM IST
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पुलिस को देख कांपीं युवतियां...आखिर ये तो होना ही था

traffic police inspections and challan of woman scooter riders

लुधियाना में नाका लगाकर खड़ी ट्रैफिक पुलिस को सामने देख स्कूटी सवार दो युवतियों के हाथ कांपने लगे और वह धड़ाम से सड़क पर जा गिरीं। देखिए, आगे क्या हुआ।

पुलिस को देख कांपीं युवतियां...आखिर ये तो होना ही था

traffic police inspections and challan of woman scooter riders

हुआ यूं कि फिरोज़पुर रोड पर पीएयू गेट नंबर दो के समक्ष ट्रैफिक पुलिस का नाका था। ट्रैफिक पुलिस ने नाके पर बिना हेल्मेट दोपहिया वाहनों को रोक कर उनको दो ऑप्शन दिए गए, चालान कराएं या हेल्मेट खरीदें। करीब 137 लोगों के चालान हुए, जबकि 200 लोगों ने हेल्मेट खरीदे।

पुलिस को देख कांपीं युवतियां...आखिर ये तो होना ही था

traffic police inspections and challan of woman scooter riders

इसी दौरान 2 लड़कियां स्कूटी पर आईं तो पुलिस ने उन्हें भी रुकने का इशारा किया लेकिन वह घबराहट के कारण सड़क पर गिर पड़ीं। हालांकि पुलिस ने दोनों को तुरंत संभाल लिया लेकिन उन्हें मामूली चोटें लग गई। पुलिस टीम ने युवतियों को समझाया कि ऐसे हालात में हेल्मेट डाल कर ज़्यादा गंभीर चोट लगने से बचा जा सकता है।

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पुलिस को देख कांपीं युवतियां...आखिर ये तो होना ही था

traffic police inspections and challan of woman scooter riders

वहीं, लड़कियों ने बताया कि बाइक सवार 2 युवक उनका पीछा कर रहे थे और पुलिस को देखकर ही वह तेज़ी से आईं थीं, स्लिप हो गई। कार्रवाई का नेतृत्व जिला परिवहन अधिकारी अनिल गर्ग एवं एसीपी ट्रैफिक डा. ऋचा अग्रिहोत्री ने किया। लड़कियों को भी रोक रोक कर उनको हेल्मेट पहनने के लिए कहा गया। लुधियाना में लड़कियों को हेल्मेट पहनने की आदत नहीं है, जबकि केवल तीस फीसदी पुरुष ही हेल्मेट का उपयोग करते हैं।

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एसीपी ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस का मकसद शहर में हेल्मेट कल्चर को डेवलप करना है। रोजाना लोगों के 300 से 400 चालान किए जा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से रोजाना करीब सौ लड़कियों के चालान किए जा रहे हैं। शहर में पिछले एक साल में एक्सीडेंट में 23 फीसदी की कमी आई है।

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