शराब पीने के शौकीनों के लिए बड़ी खुशखबरी है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने हाइवे किनारे शराबबंदी पर एक नया फैसला सुनाया है, जानिए क्या है पूरा मामला।
दरअसल, हाईवे से 500 मीटर दूरी पर शराब सर्व न करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में फैसला चंडीगढ़ प्रशासन के हक में आया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाइवे किनारे बने होटलों और रेस्टोरेंट को प्रशासन ने राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक हाईवे की डिनोटिफाई करने को लेकर 31 जुलाई तक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। प्रशासन कानूनी सलाह लेने के बाद हाईवे को डिनोटिफाई करने के लिए नोटिफिकेशन जारी करेगा। अधिकारियों की मानें तो इस बार सेक्टर-26 मध्यमार्ग को भी हाईवे की डिनोटिफिकेशन में शामिल किया जाएगा।
बुधवार को चंडीगढ़ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के प्रधान अरविंदर पाल सिंह की अध्यक्षता में होटल मालिक एडवाइजर परिमल राय से मिलकर हाईवे को डिनोटिफाई करने को लेकर जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की। एडवाइजर ने होटल मालिकों का आश्वासन देते हुए कहा कि एक बार सुप्रीमकोर्ट के लिखित आर्डर आ जाए। उस पर कानूनी राय लेने के बाद फौरन हाइवे की डिनोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी।
वहीं, यूटी के आबकारी एवं कराधान विभाग ने होटल व रेस्तरां में शराब परोसे जाने के लिए लाइसेंस फीस क्या रखी जाए, इस पर विचार करना शुरू कर दिया है। आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2005 में यूटी प्रशासन की ओर से शहर की 20 मुख्य सड़कों को हाईवे का दर्जा दिया गया था।