एक ऐसा पहलवान जो आखड़े में अपने प्रतिद्वंदी ही नहीं बल्कि सीएस से भी भिड़ गया। पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में और अब एशियन गेम्स में बजरंग पूनिया ने जापान के पहलवान ताकातानी को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया है। इसी के साथ पूनिया दो बड़े आयोजनों में स्पर्ण पदक अपने नाम किए हैं। आइए जानते हैं पहलवान बजरंग पूनिया के बारे में...
स्टार पहलवान बजरंग पूनिया का जन्म हरियाणा के झज्जर जिले के खुदान गांव में हुआ। सात साल की उम्र से ही पूनिया कुश्ती के दांव पेच सीखने लगे थे। कुश्ती के लिए बजरंग को उनके पिता ने काफी प्रोत्साहित किया। बजरंग पूनिया के भाई का नाम हरेंद्र सिंह पू्निया है।
साल 2015 में उनका परिवार खेल प्रधिकरण के क्षेत्रीय केंद्र में भाग लेने के लिए सोनीपत चला गया और यहीं रहने लगा। बजरंग पूनिया मौजूदा समय में भारतीय रेल में टीटीई के पद पर तैनात हैं।
18 वें एशियाई खेलों में बजरंग पूनिया ने 65 किलोग्राम स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में पहुंच चुके हैं। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पूनिया ने ताजिकिस्तान के फेजेव अब्दुलकासिम को 12-2 से मात दी है।
पूनिया के करियर की बात करें तो, उन्होंने 60 किलोग्राम भार वर्ग में साल 2013 में दिल्ली में आयोजित एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वहीं साल 2013 में ही वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप्स में हंगरी के बुडापेस्ट में बजरंग ने ब्रॉन्ज अपने नाम किया था।