असम के जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने के बाद क्रैश हुए भारतीय वायुसेना के एएन-32 एयरक्राफ्ट में सवार कोहला गांव के पंकज सांगवान की शहादत के बारे में शुक्रवार सुबह उनके माता-पिता और दादा को अवगत करवाया गया। इकलौते बेटे की मौत का पता लगने पर माता-पिता की हालत बिगड़ गई। वह बेटे के नाम लेकर बार-बार बेहोश हो रहे हैं। पंकज का पार्थिव शरीर शनिवार को उनके गांव में पहुंचेगा।
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गांव में पसरा सन्नाटा
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बता दें कि रहे कि असम के जोरहाट एयरबेस से 3 जून को उड़ान भरने वाला वायुसेना का विमान अचानक लापता हो गया था। विमान में कोहला गांव के पंकज सांगवान भी सवार थे। पंकज 1 जुलाई 2015 को वायुसेना में भर्ती हुए और वह एयर ट्रैफिक सर्विस में तैनात थे। मंगलवार को वायुसेना अधिकारियों को विमान का मलबा सियांग जिले में मिला था।
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शहीद की मां
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गुरुवार को वायुसेना कर्मियों ने पंकज के शहीद होने की पुष्टि कर दी थी और उनके ताऊ के लड़के अंकुश को फोन कर इसकी जानकारी दी गई थी। हालांकि पंकज के शहीद होने की सूचना उनके माता-पिता और दादा को नहीं दी गई थी। शुक्रवार सुबह परिजनों और गांव के सरपंच जगदीश बांगड़ ने पंकज के माता-पिता और दादा को पंकज की शहादत से अवगत कराया। परिजन और ग्रामीण उन्हें लगातार संयम बरतने को कह रहे हैं।
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पंकज सांगवान
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गांव में पसरा मातम नहीं चढ़ा चूल्हा
पकंज के शहीद होने की जानकारी मिलने के बाद कई घरों में चूल्हा तक नहीं चढ़ा। ग्रामीण पंकज के बारे में ही बातचीत कर रहे थे। सभी की जुबान पर उसकी चर्चा थी। धर्मबीर और सुनीता के इकलौते बेटे की हादसे में मौत से ग्रामीण उन्हें सांत्वना देने में लगे रहे।
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debris an-32
- फोटो : social media
पंकज के दोस्तों ने बताया कि उन्होंने 28 जून को आने की बात कही थी। पंकज ने 1 जुलाई, 2015 में वायुसेना ज्वाइन की थी। अब उसे वायुसेना में चार वर्ष पूरे होने वाले थे। जिसकी खुशी वह दोस्तों के साथ मनाना चाहता था। लेकिन उससे पहले ही वह उनसे दूर चला गया।