देशभर में GST लागू होने वाला है। इससे नाराज कई व्यापारियों ने बंद का आव्हान किया था जो लगभग बेअसर ही रहा, देखिए
पठानकोट: जीएसटी के विरोध में शुक्रवार को बंद का असर शहर में आंशिक रहा। दुकानें बंद करने का एलान कर चुके व्यापार मंडल पठानकोट को पठानकोट व्यापार मंडल का समर्थन न मिलने के कारण ऐसा हुआ। कहीं पर दुकानें कुछ घंटे बंद रहीं तो कहीं दिनभर शटर ऊपर नीचे होते रहे। कुल मिलाकर व्यापारी संगठनों के एक न होने के चलते बंद बेअसर रहा।
लुधियाना: जनता नगर स्माल स्केल मैन्यूफेक्चरर एसोसिएशन की ओर से जीएसटी काले कानून के खिलाफ एमएसएमई के आफिस के बाहर प्रदर्शन किया गया। छोटे कारखाने वालों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एसोसिएशन के प्रधान जसविंदर सिंह ठुकराल की प्रधानगी में अरुण जेटली का पुतला फूंका गया।
जालंधर: शिरोमणि अकाली दल (मान) अमृतसर के सदस्यों ने शुक्रवार को डीसी वीके शर्मा को जीएसटी लागू करने और ट्रक यूनियनें खत्म करने के फैसले के विरोध में मांग पत्र सौंपा। इस दौरान सुखजीत सिंह, मनजीत सिंह और सौदागर सिंह ने कहा कि सूबे की ट्रक यूनियनें खत्म कर छोटे ट्रांसपोर्टरों की माली हालत कमजोर की जा रही है। देश में मोदी सरकार की ओर से जीएसटी बिल को लागू कर जनता और व्यापारी विरोधी कानून लागू करने की साजिश की जा रही है।
बठिंडा: जीएसटी के विरोध में शुक्रवार को व्यापारियों और कारोबारियों ने पंजाब बंद का एलान किया था। इसका असर बठिंडा में देखने को नहीं मिला। इसके चलते बठिंडा बंद बेअसर रहा। अधिकतर बाजार खुले होने की वजह से लोग रोज की तरह अपनी दुकानों पर कामकाज करते रहे। इस वजह से व्यापारियों व कारोबारियों में आपसी फूट भी माना जा रहा है। कपड़ा व्यापारी सतवीर सिंह ने बताया कि जीएसटी से व्यापारी वर्ग काफी प्रभावित होगा। इससे उनके कारोबार एकदम ठप होने के कगार पर आ जाएंगे।