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शहीदी दिवस विशेष: फांसी का तख्ता मंडप बना, फंदा वरमाला और मौत उनकी दुल्हन

Thu, 23 Mar 2017 05:58 PM IST
amarujala.com- Written by: रिशु राज सिंह
amarujala.com- Written by: रिशु राज सिंह Updated Thu, 23 Mar 2017 05:58 PM IST
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shaheed-e-azam bhagat singh, untold things about life and secrets
शहीदे आज़म भगत सिंह - फोटो : File Photo
आज 23 मार्च है यानि शहीदी दिवस। आज ही के दिन 86 साल पहले शहीदे आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। तो आज हम आपको भगत सिंह के जीवन से जुड़ी 10 ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जो शायद ही आपको पता हो।
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भगत सिंह
भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के लायलपुर जिले (अब पाकिस्‍तान) के बंगा गांव में एक सिख परिवार में हुआ था। हालांकि उनके जन्‍म तारीख पर कुछ विरोधाभास है, लेकिन उनका परिवार 28 सितंबर को ही जन्मदिवस मनाता है। वहीं, कुछ जगहों पर 27 सितंबर को उनके जन्‍मदिन का जिक्र मिलता है।
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bhagat singh - फोटो : bhagat singh
भगत सिंह के पूर्वजों का जन्म पंजाब के नवांशहर के समीप खटकड़कलां गांव में हुआ था। इसलिए खटकड़कलां इनका पैतृक गांव है। भगत सिंह के दादा सरदार अर्जुन सिंह पहले सिख थे जो आर्य समाजी बने। इनके तीनों सुपुत्र-किशन सिंह, अजीत सिंह व स्वर्ण सिंह प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी थे। 13 अप्रैल, 1919 को हुए जलियांवाला बाग हत्‍याकांड ने भगत सिंह पर गहरा असर डाला और वे भारत की आजादी के सपने देखने लगे।
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शहीद भगत सिंह
भगत सिंह के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आने का एक बहुत बड़ा कारण था, उनका लाहौर स्थित ‘नर्सरी ऑफ पैट्रिआट्स’ के रूप में विख्यात नैशनल कालेज में सन् 1921 में दाखिला लेना। इस कॉलेज की शुरुआत लाला लाजपत राय ने की थी। कॉलेज के दिनों में भगत ने एक्‍टर के रूप में कई नाटकों मसलन राणा प्रताप, सम्राट चंद्रगुप्‍त और भारत दुर्दशा में हिस्‍सा लिया।
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भगत सिंह
जानकर हैरानी होगी कि परिजनों ने जब भगत सिंह की शादी करनी चाही तो वह घर छोड़कर कानपुर भाग गए। अपने पीछे जो खत छोड़ गए, उसमें उन्‍होंने लिखा कि उन्‍होंने अपना जीवन देश को आजाद कराने के महान काम के लिए समर्पित कर दिया है। इसलिए कोई दुनियावी इच्‍छा या ऐशो-आराम उनको अब आकर्षित नहीं कर सकता।
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