फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

B'day Special: भगत सिंह के अजीज शहीद सुखदेव के बारे में सब कुछ जानिए

Mon, 15 May 2017 05:54 PM IST
amarujala.com- presented by: खुशबू गोयल
amarujala.com- presented by: खुशबू गोयल Updated Mon, 15 May 2017 05:54 PM IST
विज्ञापन
shaheed bhagat singh friend shaheed sukhdev birthday special
शहीद सुखदेव
24 साल की उम्र में देश पर कुर्बान होने वाले शहीद सुखदेव का आज जन्मदिवस है। जानिए शहीद भगत सिंह के इस अजीज दोस्त के बारे में सब कुछ।
shaheed bhagat singh friend shaheed sukhdev birthday special
शहीद सुखदेव
शहीद सुखदेव को भारत के उन प्रसिद्ध क्रांतिकारियों और शहीदों में गिना जाता है, जिन्होंने अल्पायु में ही देश के लिए शहादत दी। सुखदेव का पूरा नाम 'सुखदेव थापर' था। देश के और दो अन्य क्रांतिकारियों- भगत सिंह और राजगुरु के साथ उनका नाम जोड़ा जाता है। ये तीनों ही देशभक्त क्रांतिकारी आपस में अच्छे मित्र थे। 23 मार्च, 1931 को इन तीनों वीर नौजवानों को एक साथ लाहौर की सेंट्रल जेल में फांसी दे दी गई थी।
shaheed bhagat singh friend shaheed sukhdev birthday special
शहीद सुखदेव
शहीद सुखदेव का जन्म 15 मई, 1907 को गोपरा, लुधियाना, पंजाब में हुआ था। उनके पिता का नाम रामलाल थापर था, जो अपने व्यवसाय के कारण लायलपुर (वर्तमान फैसलाबाद, पाकिस्तान) में रहते थे। इनकी माता रल्ला देवी धार्मिक विचारों की महिला थीं। दुर्भाग्य से जब सुखदेव तीन वर्ष के थे, तभी इनके पिताजी का देहांत हो गया। इनका लालन-पालन इनके ताऊ लाला अचिन्त राम ने किया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
shaheed bhagat singh friend shaheed sukhdev birthday special
शहीद सुखदेव
ताऊ आर्य समाज से प्रभावित थे तथा समाज सेवा व देशभक्तिपूर्ण कार्यों में अग्रसर रहते थे। इसका प्रभाव बालक सुखदेव पर भी पड़ा। जब बच्चे गली-मोहल्ले में शाम को खेलते तो सुखदेव अस्पृश्य कहे जाने वाले बच्चों को शिक्षा प्रदान करते थे। सुखदेव की उम्र जब करीब 12 साल की थी तब 1919 में हुए जलियांवाला बाग में भीषण नरसंहार हुआ। सुखदेव के मन पर भी इस घटना का बड़ा असर हुआ।

 
विज्ञापन
shaheed bhagat singh friend shaheed sukhdev birthday special
शहीद सुखदेव
लायलपुर के सनातन धर्म हाईस्कूल से मैट्रिक पास कर सुखदेव ने लाहौर के नेशनल कॉलेज में प्रवेश लिया और यहीं उनकी मुलाक़ात भगत सिंह के साथ हुई। इन दोनों के इतिहास के अध्यापक ‘जयचंद्र विद्यालंकार’ थे, जिन्होंने इनके अंदर व्यवस्थित क्रांति का बीज डाला। विद्यालय के प्रबंधक भाई परमानंद भी जाने-माने क्रांतिकारी थे। 1926 में लाहौर में ‘नौजवान भारत सभा’ का गठन हुआ जिसके मुख्य संयोजक सुखदेव थे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed