अब बेटी सुरखाब पूरे करेगी सरदार अंजुम के अधूरे ख्वाब
पद्मभूषण साहित्यकार सरदार अंजुम भले ही आज हमारे बीच न हों, लेकिन उनकी बेटी ने उनके अधूरे ख्वाब पूरे करने की ठान ली है।
अब बेटी सुरखाब पूरे करेगी सरदार अंजुम के अधूरे ख्वाब
सरदार अंजुम की बेटी सुरखाब अपने पापा के ख्वाब पूरे करेगी। डॉ.अंजुम की पत्नी गुलशेर की नम आंखें पति की अधूरी इच्छाएं पूरी करने को लालायित दिखीं। पंजाब में आतंकवाद के दौर में किताबें लिखने और सामाजिक बदलाव का हिस्सा बने डॉ.अंजुम की किताबों को उनकी बेटी अंग्रेजी में ट्रांसलेट करेंगी।
अब बेटी सुरखाब पूरे करेगी सरदार अंजुम के अधूरे ख्वाब
दुबई से मेकअप आर्टिस्ट का कोर्स कर बेटी ने अब अपने पापा के ख्वाब पूरा करने की ठान ली है। सुरखाब ने कहा कि डैड की हर बात उन्हें याद है और वह उनकी बायोग्राफी लिखेंगी।
अब बेटी सुरखाब पूरे करेगी सरदार अंजुम के अधूरे ख्वाब
सुरखाब ने कहा कि पापा की कमी पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए हिम्मत दी। अब मैं दोगुनी हिम्मत से उनके अधूरे सपनों को पूरा करूंगी। डॉ.अंजुम की पत्नी गुलशेर ने कहा कि वह अक्सर अपने अधूरे कामों को लेकर फिक्रमंद रहते थे।
अब बेटी सुरखाब पूरे करेगी सरदार अंजुम के अधूरे ख्वाब
रविवार को होशियारपुर के गांव में क्रिश्चियन रीति-रिवाज से सरदार अंजुम को दफनाया जाएगा। उनकी आत्मिक शांति के लिए 15 जुलाई को सेक्टर पांच स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में प्रार्थना होगी।