सिंगर डांसर सपना चौधरी को करोड़ों लोगों के दिलों की धड़कन एक शख्स ने बनाया, जो उनके काफी करीब है। उन्होंने सपना के बारे में कई खुलासे किए।
लोकगायक वीरपाल सिंह खरकिया, सपना चौधरी के गुरु हैं। सपना इन्हीं का तराशा हुआ नगीना है। इस शख्स ने सपना चौधरी को वो सपना बनाया, जिसके साथ थिरकते हैं लोग। जो आज ऐसे मुकाम पर पहुंच चुकी है कि वह किसी परिचय की मोहताज नहीं है। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक की जुबां पर उसका नाम रहता और मंच पर थिरकते देखकर लोग खुश होते हैं।
वीरपाल सिंह खरकिया की बदौलत लोगों के दिलों में अपनी पहचान बनाने का ड्रीम सपना का पूरा हुआ। इस बात को सिर्फ सपना, वीरपाल और उनके करीबी ही जानते हैं। वीरपाल सिंह अपनी गायकी से उतर भारत में बेटी बचाने व बेटी को आगे बढ़ाने का संदेश दे रहे हैं। उनकी रागनी- फर्क नहीं बेटा-बेटी में, मत ना तुम इंसान करो… पर दर्शकों की आंखें भर आती हैं।
वीरपाल सिंह खरकिया से सपना की मुलाकात सात साल पहले हुई। सपना को हरियाणवी संस्कृति से काफी लगाव था। वह अकसर हरियाणवी रागनियां सुनती थी और उन पर थिरकती थी। सपना 2010 में पहली बार खरक कलां गांव में वीरपाल सिंह से मिली। इस दौरान उन्होंने हरियाणा के प्रति सपना का लगाव देखा और उसे अपनी शिष्या बना लिया।
वीरपाल सिंह खरकिया और सपना का पहला लाइव प्रोग्राम पूंडरी में 21 दिसंबर 2010 को हुआ। वहीं से शुरू हुआ दिल्ली की सपना चौधरी का हरियाणा की शान बनने का सिलसिला और उसके बाद सपना सफलता की ऊंचाइयां चढ़ती गई और साथ ही अपने परिवार का सहारा बनी, जिसकी जिम्मेवारी पिता की मौत के बाद सपना के सिर पर आ गई थी।