फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   15 individuals identified in LPU violence case; no case of rape reported.

Chandigarh News: एलपीयू हिंसा मामले में 15 लोगों की पहचान, दुष्कर्म का मामला नहीं आया सामने

Fri, 09 Oct 2026 02:31 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 02:31 AM IST
विज्ञापन
15 individuals identified in LPU violence case; no case of rape reported.
हाईकोर्ट ने कहा- गलत सूचना फैलाने वाले मंचों की पहचान जरूरी, षड्यंत्रकारियों तक पहुंचें
विज्ञापन

सरकार ने कहा- जांच जारी, गिरफ्तारियां की जा रहीं; भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के उपाय बताए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को सरकार से सोशल मीडिया पर फैली कथित गलत सूचनाओं को लेकर सवाल किए। सरकार ने अदालत को बताया कि अभी तक जांच में दुष्कर्म या हत्या की कोई घटना सामने नहीं आई है। हालांकि, मामले की जांच जारी है। सरकार ने यह भी बताया कि हिंसा में शामिल 15 लोगों की पहचान की जा चुकी है और गिरफ्तारियां की जा रही हैं।

हाईकोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है, लेकिन गलत सूचना फैलाना उचित नहीं है। एक गलत सूचना बड़े स्तर पर नुकसान का कारण बन सकती है। अदालत ने सरकार से यह पता लगाने को कहा कि वह सूचना कहां से और किस मंच के माध्यम से फैली, जिसके बाद विश्वविद्यालय में तनाव और हिंसा की स्थिति बनी।
विज्ञापन


गलत सूचना के स्रोत तक पहुंचने के निर्देश
अदालत ने कहा कि चितकारा हो या एलपीयू, ऐसे मंचों और माध्यमों की पहचान जरूरी है, जहां से संवेदनशील मामलों को लेकर सूचनाएं फैलाई गईं। मीडिया में किसी घटना की आलोचना करना गलत नहीं है, लेकिन ऐसी खबरों को इस तरह तूल देने से बचना चाहिए, जिससे स्थिति और बिगड़े। अदालत ने कहा कि एलपीयू में करीब 28 हजार छात्र हैं और यह पंजाब जैसा सीमावर्ती राज्य है, इसलिए ऐसे संस्थान में गलत सूचना से पैदा हुआ तनाव गंभीर विषय है।
विज्ञापन
विज्ञापन


षड्यंत्रकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
सरकार की स्थिति रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने कहा कि आगजनी और तोड़फोड़ के पीछे षड्यंत्र में शामिल लोगों तक पहुंचना और उन्हें कानून के मुताबिक अंजाम तक पहुंचाना जरूरी है। अदालत ने याचिकाकर्ता को सरकार की स्थिति रिपोर्ट पर सोमवार तक पक्ष रखने का निर्देश दिया। सुनवाई सोमवार तक स्थगित करते हुए सरकार से यह भी बताने को कहा गया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed