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पंथ से निकाले गए लोगों के बोर्ड क्यों नहीं लगाए, जवाब दे एसजीपीसी : पन्नू
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बोले- कई दिन बाद भी गुरुद्वारों के बाहर सूचना नहीं लगाई गई, धामी और सुखबीर चुप्पी तोड़ें
बहरीन महिला प्रकरण और सीबीआई जांच की मांग को लेकर भी उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने एसजीपीसी से सवाल किया कि पंथ से निकाले गए लोगों के संबंध में गुरुद्वारों के बाहर बोर्ड अब तक क्यों नहीं लगाए गए। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी खुद ऐसे फैसलों की जानकारी संगत तक पहुंचाने की जिम्मेदारी की बात करती है, लेकिन इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। पन्नू ने कहा कि एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी और शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए।
पन्नू ने कहा कि एसजीपीसी द्वारा सार्वजनिक किए गए रजिस्टर से भी कई सवाल खड़े होते हैं। उनके अनुसार रजिस्टर में कमरे की सिफारिश और उसे मुफ्त आवंटित किए जाने का उल्लेख दिखाई देता है, जबकि बाद में अलग दावा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बहरीन की महिला को दी गई आर्थिक सहायता को लेकर भी एसजीपीसी को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
आप नेता ने कहा कि यदि महिला लंबे समय तक सराय में रह रही थी तो इस बारे में किसी ने ध्यान क्यों नहीं दिया। पन्नू ने सीबीआई जांच की मांग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि 328 गायब स्वरूपों के मामले में एसजीपीसी ने सीबीआई जांच का विरोध किया था, जबकि अब वही संस्था सीबीआई जांच की मांग कर रही है।
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बहरीन महिला प्रकरण और सीबीआई जांच की मांग को लेकर भी उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने एसजीपीसी से सवाल किया कि पंथ से निकाले गए लोगों के संबंध में गुरुद्वारों के बाहर बोर्ड अब तक क्यों नहीं लगाए गए। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी खुद ऐसे फैसलों की जानकारी संगत तक पहुंचाने की जिम्मेदारी की बात करती है, लेकिन इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। पन्नू ने कहा कि एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी और शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए।
पन्नू ने कहा कि एसजीपीसी द्वारा सार्वजनिक किए गए रजिस्टर से भी कई सवाल खड़े होते हैं। उनके अनुसार रजिस्टर में कमरे की सिफारिश और उसे मुफ्त आवंटित किए जाने का उल्लेख दिखाई देता है, जबकि बाद में अलग दावा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बहरीन की महिला को दी गई आर्थिक सहायता को लेकर भी एसजीपीसी को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
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आप नेता ने कहा कि यदि महिला लंबे समय तक सराय में रह रही थी तो इस बारे में किसी ने ध्यान क्यों नहीं दिया। पन्नू ने सीबीआई जांच की मांग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि 328 गायब स्वरूपों के मामले में एसजीपीसी ने सीबीआई जांच का विरोध किया था, जबकि अब वही संस्था सीबीआई जांच की मांग कर रही है।
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