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सूरत-ए-हाल: यूपी, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड के स्कूलों में 55 लाख बच्चे इस सर्दी भी फर्श पर पढ़ेंगे, मजबूरी

Fri, 09 Oct 2026 04:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/लखनऊ/चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/लखनऊ/चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 09 Oct 2026 04:46 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश में ऐसे बच्चों की संख्या करीब 50 लाख है। यूपी में इस मद में भारी भरकम बजट (1200 करोड़ रुपये) जारी हो चुका है।

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5.5 million children in schools of UP, Haryana, Punjab, and Uttarakhand will study while sitting on the floor
सांकेतिक चित्र - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में स्कूलों को टाटपट्टी से मुक्त करने की घोषणाओं के बावजूद इन प्रदेशों में करीब 55 लाख बच्चों को इस सर्दी में भी जमीन पर ठिठुरते हुए पढ़ाई करनी होगी। सर्दी आने वाली है लेकिन हरियाणा में फर्नीचर खरीद प्रक्रिया करीब छह महीने से अटकी है। वहां 3.80 लाख बच्चे बगैर फर्नीचर पढ़ने के लिए विवश है। उत्तर प्रदेश में ऐसे बच्चों की संख्या करीब 50 लाख है। यूपी में इस मद में भारी भरकम बजट (1200 करोड़ रुपये) जारी हो चुका है। पंजाब का आलम यह है कि सरकारी फाइल में घोषित स्मार्ट स्कूल में भी न छत है, न फर्नीचर।  

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हरियाणा : टाटपट्टी मुक्ति का एलान फाइलों तक सिमटा
हरियाणा के 14 हजार स्कूलों के करीब 3.80 लाख बच्चे इस सर्दी भी जमीन पर बैठकर ठिठुरेंगे। सीएम नायब सिंह सैनी ने एक नवंबर तक प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को टाटपट्टी मुक्त बनाने का एलान किया था। शिक्षा विभाग को ड्यूल डेस्क खरीदने के लिए 200 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली लेकिन सात महीने से खरीद संबंधी फाइल सीएम कार्यालय में ही अटकी हुई है। निविदा प्रक्रिया अभी चल रही है। कंपनियां भी मंजूरी के 135 दिनों बाद ही आपूर्ति कर पाएंगी। जाहिर है फरवरी 2027 से पहले स्कूली बच्चों को फर्नीचर मयस्सर नहीं हो पाएगा। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय दाहिया भी मानते हैं कि कुछ अड़चनें आई हैं, वक्त लगेगा।
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उत्तराखंड : 1.60 करोड़ रुपये जारी, 9,800 बच्चे जमीन पर
उत्तराखंड के सभी 13 जिलों के स्कूलों में फर्नीचर के लिए एक करोड़ 60 लाख रुपये जारी किए गए, लेकिन करीब 10 हजार बच्चों को अभी तक फर्नीचर नहीं मिल पाया। प्रदेश में कक्षा एक से आठवीं तक के 13,377 सरकारी स्कूल हैं,  जहां 3,25,366 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से 9,800 बच्चों के पास फर्नीचर नहीं हैं। आलम यह है कि आसपास के बंद स्कूलों से इनके लिए अब फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी।
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पंजाब : 5% स्कूलों में मेज-कुर्सी की कमी
पंजाब में कुल 27,233 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से 5 फीसदी स्कूलों में फर्नीचर की कमी है। प्रदेश में 59.04 लाख बच्चे पढ़ते हैं। ज्यादातर स्कूलों में फर्नीचर पुराना हो गया है। इसे बदलने की आवश्यकता है। पिछले साल बाढ़ में  3,200 सरकारी स्कूलों के साथ-साथ वहां के फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचा था। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब के प्रधान दिग्विजय पाल शर्मा ने बच्चों की इस समस्या पर चिंता जताई। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस  का दावा है कि कुछ स्कूलों में कमियां हैं, जिन्हें वह दूर किया जा रहा है। हालांकि  फाजिल्का की बस्ती हजूर सिंह वाली स्थित सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल में बच्चे बिना छत वाले कमरों में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। 


यूपी : 45 हजार स्कूलों में फर्नीचर का संकट
उत्तर प्रदेश के 45 हजार स्कूलों में 50 लाख बच्चे बगैर फर्नीचर वाले हैं। हैरानी वाली बात यह है कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के सभी स्कूलों में फर्नीचर की सुविधा के लिए 1,200 करोड़ का भारी भरकम बजट स्वीकृत किया गया लेकिन अभी खरीद नहीं हो पाई। 

  • प्रदेश में करीब 1.33 लाख से अधिक बेसिक स्कूल हैं, जहां 1.25 करोड़ बच्चे पढ़ते हैं
  • इनमें से प्राइमरी (कक्षा एक से पांच तक) के लगभग 45 हजार स्कूलों में अभी पर्याप्त फर्नीचर नहीं है। बिना फर्नीचर वाले बच्चों की संख्या लगभग 50 लाख है
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