लड़कियां जब भी घर से बाहर निकलें तो उन्हें अपने साथ कुछ चीजें जरूरी रखनी चाहिएं। इससे वे सेफ रहेंगी और मनचलों की गंदी नजरों, हरकतों से भी बच सकेंगी।
चंडीगढ़ में आईएएस की बेटी से छेड़छाड़ की घटना के बाद लड़कियों में भय का माहौल है। इससे बचने के लिए लड़कियों ने आत्मरक्षा के गुर सीख रही हैं। लड़कियों को सेल्फ डिफेंस सीखाने में ब्लैक बेल्ट और थ्री डिग्री मास्टर अपनी भूमिका निभा रहे हैं। बेटियों को मनचलों और बदमाशों से निपटने के लिए अब अभिभावक भी आगे आ रहे हैं। अभिभावक भी अब बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाने वालों से संपर्क करने लगे हैं।
ऐसे में चंडीगढ़ और पंचकूला में लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाने की कक्षाएं लगनी शुरू हो गई हैं। लड़कियों को सेल्फ डिफेंस का डेमोस्ट्रेशन देकर जागरूक किया जा रहा है। उन्हें रोजाना काम में आने वाली चीजों को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर खुद को बचाने के तरीके बताए जा रहे हैं। गिनीज बुक में नाम दर्ज करा चुकीं सोनिया बतान ये ट्रेनिंग दे रही हैं।
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सेल्फ डेफेंस प्रोग्राम फॉर गर्ल्स
- फोटो : अमर उजाला
इनके अलावा कोच गौरव सैनी के साथ यूनिवर्सल ताइक्वांडो एकेडमी की टीम मेंबर संगीता, अश्विनी कुमार, जसवीन कौर, अक्षय कुमार, कामरान, अमित कुमार, रवि, यामिनी गुप्ता, रणदीप कौर, अर्जुन, सुशील कुमार, राकेश कुमार और महिमा स्कूली छात्राओं को सेल्फ डिफेंस सिखा रही हैं। ये सब सेक्टर-41 में लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखा रही हैं, जिससे वह छेड़छाड़ से बच सकती हैं।
मोबाइल: छात्राओं को डेमोस्ट्रेशन के माध्यम से बताया जाता है कि कैसे आप अपने मोबाइल से खुद को बचा सकती हैं। चलते समय यदि अचानक कोई छेड़छाड़ करे तो मोबाइल को हथियार बनाकर आप उसे हिट कर सकती हैं। साथ ही शोर मचाकर मदद के लिए आसपास के लोगों को बुलाया जा सकता है।