फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पराली मत जलाओ, इससे चीनी व अल्कोहल बनवाओ, जानिए कैसे?

Mon, 30 Oct 2017 09:12 AM IST
विनीत तोमर/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विनीत तोमर/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Mon, 30 Oct 2017 09:12 AM IST
विज्ञापन
research to prepare sugar and alcohol by using parali, rice straw
पराली जलाना
जिस पराली को जलाने को लिए ​किसानों को समस्या झेलनी पड़ती है, उस पराली से चीनी और अल्कोहल बनाई जा सकती है, जानना चाहेंगे कैस बनेगी तो देखिए।
research to prepare sugar and alcohol by using parali, rice straw
parali
पराली से चीनी और अल्कोहल बनाने की रासायनिक प्रक्रिया (हाइड्रोलिसिस) का प्रयोगशाला में सफल परीक्षण हो चुका है। इस प्रक्रिया में 400 ग्राम पराली से अधिकतम 167 ग्राम चीनी का उत्पादन हो सकता है। वहीं एक किलो पराली से 220 ग्राम या 283 मिलीलीटर इथेनॉल का उत्पादन हो सकता है। इस प्रक्रिया को अपनाकर जहां फसल अवशेष का सही प्रबंधन हो सकेगा वहीं पराली जलने से होने वाले प्रदूषण की समस्या का भी समाधान होगा।
research to prepare sugar and alcohol by using parali, rice straw
पराली जलाने के बाद उड़ता धुआं - फोटो : अमर उजाला
महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी रोहतक का फार्मेसी डिपार्टमेंट चीनी और अल्कोहल उत्पादन के लिए पराली की उपयोगिता जांच रहा है। हर साल अक्तूबर शुरू होते ही धान की कटाई के साथ ही खेतों में बड़े स्तर पर पराली जलाई जाती है। प्रति टन पराली जलाने से 60 किलोग्राम कार्बन मोनोऑक्साइड, 460 किलोग्राम कार्बन डाईऑक्साइड और दो किलोग्राम सल्फर डाईऑक्साइड का उत्सर्जन होता है। बड़े स्तर पर धुएं का उत्सर्जन होने से प्रदूषण का स्तर कई गुणा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
research to prepare sugar and alcohol by using parali, rice straw
पराली जलाना
तमिलनाडु के बायोटेक्नोलॉजी के प्रो. के. सुब्राह्मण्यम् की रिसर्च व अन्य देशों में हुए शोध के आंकड़ों के संबंध में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के फार्मेसी डिपार्टमेंट के एचओडी प्रो. मुनीष गर्ग न जानकारी दी। प्रो. गर्ग ने बताया कि पराली में प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस और मिनरल होता है। इसकी नीचे वाली डंडी में लिगनोसेलुलोज पाया जाता है, जो शुगर प्रोडक्शन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
research to prepare sugar and alcohol by using parali, rice straw
पराली जलाना
पराली को एक घंटे की एसिड ट्रीटमेंट के बाद शुगर कंटेंट खमीर बनता है और शुगर तैयार की जाती है। खास बात यह है कि जब शुगर के किसी प्रोडक्ट का खमीर बनता है तो उसमें से अल्कोहल भी उत्पादित होता है। इसकी अलग प्रक्रिया है। पराली की डंडी से सबसे पहले सेलुलोज निकालकर ग्लुकोज और फिर एथेनॉल से अल्कोहल बनाया जा सकता है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed