कॉमेडी किंग मेहर मित्तल सभी को रुलाकर चले गए, लेकिन उनकी जिंदगी से जुड़े कई ऐसे राज सामने आए हैं, जिन्हें आप जानते नहीं होंगे। देखिए एक नजर।
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कॉमेडियन किंग मेहर मित्तल की 10 बातें
- फोटो : File Photo
मेहर मित्तल के बारे में ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के नॉर्थ जोन डायरेक्टर ब्रह्मा कुमार अमीर चंद ने बताया कि वह पिछले 8-10 सालों से मेहर मित्तल को जानते थे। वह(मेहर मित्तल) 15 सालों से ब्रह्मकुमारी संस्थान से जुड़े थे। वह सर्दियों में मुंबई में रहते थे और गर्मियों में पंजाब। इस दौरान फिर उनका मुंबई से पंजाब तो पंजाब से मुंबई आना जाना लगा रहता था।
ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से उनके जुड़ने का कारण यह तीन बातें थीं- एक तो उनका इससे जुड़ने का कारण इस संस्थान का निराकार ईश्वर में आस्था रखना था, दूसरा इससे जुड़ने से उन्हें आत्मिक शांति मिली और तीसरा उनका मानना था कि आध्यात्मिकता से पंजाब में बढ़ रहे नशे को कम किया जा सकता है। इससे इंसान नशे से मुक्ति पा सकता है।
अमीर चंद ने बताया कि वह हमेशा यह कहते थे कि मैंने लॉ भी किया है, प्रैक्टिस में मेरी रुचि नहीं है लेकिन मैं ऐसा काम करना चाहता हूं जिससे समाज की बुराइयों को कुछ हद तक कम कर सकूं। सिनेमा एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए मैं समाज में बदलाव ला सकता हूं। उनके भांजे रमेश गर्ग ने बताया कि मेहर मित्तल ब्रह्माकुमारी संस्था को बहुत मानते थे। इसलिए पिछले 7-8 साल से वह माउंट आबू में उनके मेन सेंटर के पास रहते थे।
साल 1974 में उन्होंने सच्चा मेरा रूप है नाम की पंजाबी फिल्म से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। दर्शकों को इनके कॉमिक रोल काफी पसंद आते थे। 1998 में वो आखिरी बार 'कहर' में दिखे। 300 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले मेहर मित्तल की इश्क निमाना, चन्न परदेसी, पुत्त जट्टां दे, लौंग दा लिशकारा, निम्मो जैसी फिल्में काफी हिट हुई थीं।