बिना फेरे, वरमाला और दहेज लिए मात्र 17 मिनट में 100 जोडे़ परिणय सूत्र में बंध गए। देश के विभिन्न राज्यों से युवक युवतियां शादी करने पहुंचे थे।
हरियाणा के रोहतक में रामपाल समर्थकों ने यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया। हरियाणा के अलावा नेपाल, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और बिहार से भी युवा पहुंचे। इस दौरान प्रेम विवाह भी हुए। सभी जोड़ों ने रामायणी सुनकर सात जन्म तक साथ देने का वादा एक-दूसरे से किया।
हम दोनों ही भिलाई के रहने वाले हैं। मेरी पत्नी की उम्र 18 साल है। संत के अनुयायी होने के नाते रोहतक में सामूहिक विवाह के बारे में पता चला है।
- दुष्यंत व गायत्री, छत्तीसगढ़
हम दोनों एक ही राज्य से है, लेकिन जिला अलग-अलग है। मेरी पत्नी सायपुर से है। यह शादी बिना दहेज लिए की गई है। मैंने संकल्प लिया है कि दहेज के नाम से कभी कोई विवाद नहीं करूंगा।
- राजेश व राजबाई, मध्यप्रदेश
मैं शिमला में खेतीबाड़ी का काम करता हूं। मेरी पत्नी सोलन से है और उम्र 22 साल है। संत रामपाल इस धरती पर साक्षात परमात्मा है। यह दिन हम दोनों के लिए बेहद खास रहेगा।
- अमित दास व पूजा दासी, हिमाचल प्रदेश