बेटे को चिता पर लेटे देख किसी भी मां का कलेजा फट जाए लेकिन इस शहीद की मां ने जो किया, आप खुद देखिए...
जम्मू कश्मीर के पूंछ रजौरी सेक्टर की डाची पोस्ट पर वीरवार को शहीद हुए बीएसएफ की 137 बटालियन के कांस्टेबल गुरविंदर सिंह का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव मानेपुर में राजकीय सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
बीएसएफ की 12 बटालियन के जवानों ने हथियार उल्टे करके बिगुल की मातमी धुन के साथ शहीद गुरविंदर सिंह को अंतिम सलामी दी। इससे पहले तिरंगे में लिपटा हुआ शहीद का शव जब गांव मानेपुर पहुंचा तो सभी गमगीन हो गए। शहीद की माता सरबजीत कौर ने अपने शहीद बेटे की अर्थी को कंधा दिया तो मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। शहीद के शव को उनके बड़े भाई रुपिंदर सिंह ने अग्नि दी।
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जम्मू आतंकी हमले में पंजाब का गुरविंदर सिंह शहीद
शहीद के पिता सतविंदर सिंन ने कहा कि बेटे के जाने से उनके बुढ़ापे की लाठी टूट गई है, मगर उसकी शहादत पर उनको बहुत गर्व है। उनके दोनों बेटों में बचपन से ही देश भक्ति की भावना भरी हुई थी और उनको शुरू से भारतीय सेना में भर्ती होने का बहुत शौक था।
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जम्मू आतंकी हमले में पंजाब का गुरविंदर सिंह शहीद
शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने कहा कि आतंकवाद को कुचलने के लिए अगर सरकार ने कोई ठोस नीति न बनाई तो इन जांबाज सैनिकों की शहादत का सिलसिला लगातार चलता रहेगा और आने वाले समय में कोई भी मां अपने बेटे को भारतीय सेना में भर्ती करवाने से पहले कई बार सोचेगी।