आइटम गर्ल राखी सावंत पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है, लेकिन इससे बचने को उन्होंने एक काम किया है। जानिए आखिर क्यों जारी हुए उनके अरेस्ट वारंट।
दरअसल, राखी सावंत ने लुधियाना की अदालत में अंतरिम जमानत की अर्जी लगाई है। जिला एडिशनल सेशन जज मोनिका गोयल की अदालत में मंगलवार को अर्जी दाखिल की गई और इस पर सुनवाई 4 अगस्त होनी है। गौरतलब है कि एडवोकेट नरिंदर आदिया ने राखी सावंत के खिलाफ भगवान वाल्मीकि के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। नरेंद्र का कहना है कि राखी की टिप्पणी से उनकी और वाल्मीकि समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है। अदालत ने कई बार उन्हें पेशी के लिए बुलाया, लेकिन वह नहीं आई तो अरेस्ट वारंट जारी हो गए। 7 जुलाई को केस की सुनवाई थी। राखी सावंत बुर्का पहन कर चुपचाप ही छह जुलाई को अदालत परिसर में पहुंची और विश्व गुप्ता की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। राखी ने कोर्ट में जमानत की औपचारिकताएं पूरी की और दस मिनट बाद ही वहां से दबे पांव निकल गई।
अदालत ने राखी को सात जुलाई को भी ट्रायल के दौरान अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे, लेकिन वह नहीं आई। इस पर अदालत ने कड़ा संज्ञान लिया और आज की कार्रवाई के दौरान राखी की जमानत को रद्द कर दिया। उसके फिर से गिरफतारी वारंट जारी करने के आदेश दिए। अब मामले की सुनवाई 7 अगस्त को है, लेकिन राखी ने इस बार फिर पेशी से पहले ही जमानत की अर्जी दाखिल कर दी है।
वहीं, पिछली तारीख पर हुए वाकये के बाद राखी सावंत खूब भड़की हुई हैं। उनका कहना है कि मुझे कानून पर पूरा भरोसा है। मुझे उम्मीद है कि लुधियाना अदालत मेरे साथ इंसाफ करेगी, नहीं तो मैं न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगी। हालांकि राखी ने वाल्मीकि समाज से हाथ जोड़कर माफी भी मांगी और कहा कि मुझे माफ कर देना चाहिए। अगर मेरी गलती है तो मैं सजा भुगतने के लिए तैयार हूं।