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एसिड पीड़िता की कहानी- सहेली खोई, आंखों की रोशनी खोई, पर नहीं छोड़ी पढ़ाई
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
Updated Fri, 16 Jun 2017 09:08 AM IST
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एसिड अटैक पीड़िता राजवंत कौर
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एसिड अटैक हुआ, सहेली की जान चली गई और खुद की आंखों की रोशनी नहीं रहीं, लेकिन जज्बा देखिए पढ़ाई नहीं छोड़ी। कहानी बेहद दर्दनाक पर पढ़ें जरूर।
Ludhiana Acid Attack
13 साल की उम्र में ही ग्रहण लगा दिया
तेजाब ने पंजाब के लुधियाना की राजवंत के हंसते खेलते जीवन को 13 साल की उम्र में ही ग्रहण लगा दिया। पिछले 10 साल से वह अंधेरी दुनिया में रह रही है। बसंत की बहार, सावन के झूलों के बारे में वह केवल सुन ही सकती है, उनको देख नहीं सकती। एक अप्रैल 2007 की शाम मुंह पर पड़े तेजाब ने उसकी आंखों की रोशनी छीन ली।
तेजाब ने पंजाब के लुधियाना की राजवंत के हंसते खेलते जीवन को 13 साल की उम्र में ही ग्रहण लगा दिया। पिछले 10 साल से वह अंधेरी दुनिया में रह रही है। बसंत की बहार, सावन के झूलों के बारे में वह केवल सुन ही सकती है, उनको देख नहीं सकती। एक अप्रैल 2007 की शाम मुंह पर पड़े तेजाब ने उसकी आंखों की रोशनी छीन ली।
Ludhiana Acid Attack
लुधियाना से लेकर हैदराबाद तक दौड़ लगाई
पिछले दस साल में रोशनी पाने के लिए उसने लुधियाना से लेकर हैदराबाद तक दौड़ लगाई, लेकिन अभी तक उसकी दुनिया में रंग नहीं लौट पाए। इसके बावजूद 23 वर्षीय राजवंत और उसके परिवार को उम्मीद है कि वह एक दिन फिर से देख पाएगी। जीवन के अंधेरे को वह शिक्षा के ज्ञान से दूर करने का प्रयास कर रही है। राजवंत चंडीगढ़ रोड जमालपुर स्थित दृष्टिहीन बच्चों के स्कूल में दसवीं की शिक्षा हासिल कर रही है।
पिछले दस साल में रोशनी पाने के लिए उसने लुधियाना से लेकर हैदराबाद तक दौड़ लगाई, लेकिन अभी तक उसकी दुनिया में रंग नहीं लौट पाए। इसके बावजूद 23 वर्षीय राजवंत और उसके परिवार को उम्मीद है कि वह एक दिन फिर से देख पाएगी। जीवन के अंधेरे को वह शिक्षा के ज्ञान से दूर करने का प्रयास कर रही है। राजवंत चंडीगढ़ रोड जमालपुर स्थित दृष्टिहीन बच्चों के स्कूल में दसवीं की शिक्षा हासिल कर रही है।
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Ludhiana Acid Attack
ऐसे हुआ था हादसा
ताजपुर रोड स्थित बाबा जीवन सिंह नगर में रहने वाली राजवंत कौर (23) ने बताया कि वह शिवा धागा फैक्टरी में काम करती थी। उसके साथ उसकी दो सहेलियां संदीप कौर और सोनिया काम करती थीं। 01 अप्रैल 2007 की शाम को वह अपनी दोनों सहेलियों के साथ फैक्टरी से घर आ रही थी। उसकी सहेली संदीप कौर का किसी युवक के साथ कोई विवाद था। नाराज युवक ने उस पर तेजाब फेंका।
ताजपुर रोड स्थित बाबा जीवन सिंह नगर में रहने वाली राजवंत कौर (23) ने बताया कि वह शिवा धागा फैक्टरी में काम करती थी। उसके साथ उसकी दो सहेलियां संदीप कौर और सोनिया काम करती थीं। 01 अप्रैल 2007 की शाम को वह अपनी दोनों सहेलियों के साथ फैक्टरी से घर आ रही थी। उसकी सहेली संदीप कौर का किसी युवक के साथ कोई विवाद था। नाराज युवक ने उस पर तेजाब फेंका।
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Ludhiana Acid Attack
बुरी तरह जल गया था चेहरा
इस हमले में संदीप कौर और राजवंत के मुंह बुरी तरह जल गया। वहीं दूसरी सहेली सोनिया का हाथ बुरी तरह झुलस गया। आरोपी वहां से फरार हो गया। राजवंत कौर ने बताया कि उस समय ऐसा लगा कि किसी ने उसकी आंखों में पिघला हुआ लोहा उडे़ल दिया हो और वह मांस को जलाता हुआ अंदर ही जा रहा हो। उस जलन से बचने का कोई उपाय नहीं था। आसपास उसे कुछ नहीं दिखाई दे रहा था। सुनाई दे रही थीं तो बस चीखें।
इस हमले में संदीप कौर और राजवंत के मुंह बुरी तरह जल गया। वहीं दूसरी सहेली सोनिया का हाथ बुरी तरह झुलस गया। आरोपी वहां से फरार हो गया। राजवंत कौर ने बताया कि उस समय ऐसा लगा कि किसी ने उसकी आंखों में पिघला हुआ लोहा उडे़ल दिया हो और वह मांस को जलाता हुआ अंदर ही जा रहा हो। उस जलन से बचने का कोई उपाय नहीं था। आसपास उसे कुछ नहीं दिखाई दे रहा था। सुनाई दे रही थीं तो बस चीखें।