घाटे की खेती से परेशान किसानों के लिए सुखजिंदर सिंह नजीर बनकर उभरे हैं। उन्होंने पंजाब की धरती में स्ट्रॉबेरी की खेती कर किसानों के सामने नया विकल्प तैयार कर दिया। धान-गेहूं के फसल चक्र में फंसे किसान सुखजिंदर सिंह की तरह खेती कर बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं। किसान सुखजिंदर सिंह पंजाब के कपूरथला जिले में आधुनिक खेती करते हैं।
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खेत पहुंचे खेती विभाग के अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुखजिंदर सिंह ने 2012 में पांच कनाल में स्ट्रॉबेरी की खेती करनी शुरू की थी। वह आज सलाना चार लाख रुपये कमाते हैं। उस समय उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि सुखजिंदर उन मुश्किलों से बाहर निकलकर आज कपूरथला में स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले पहले किसान बने हैं। सुखजिंदर 130 रुपये किलो बेचकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके अलावा उन्होंने आधे एकड़ में अमरूद की बाग तैयार की है। साथ ही दूसरी फसल भी करते हैं। वे शहद और बॉबी किस्म के खरबूजे भी उपजा रहे हैं। सुखजिंदर की मेहनत और खेती के तरीके को देखने खेतीबाड़ी व किसान भलाई विभाग की टीम बुधवार को उनके फार्म पहुंची।
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स्ट्रॉबेरी की खेती।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुखजिंदर सिंह ने बताया कि स्ट्रॉबेरी की खेती में उनके पिता बलकार सिंह ने भी योगदान दिया है। उन्हें 2016 में खेती के लिए स्टेट अवॉर्ड भी मिल चुका है। कृषि अधिकारी जसबीर सिंह ने कहा कि सुखजिंदर ने छोटे किसानों के लिए मिसाल कायम की है। कृषि विकास अधिकारी डॉ. जसपाल सिंह धंजू ने बताया कि स्ट्रॉबेरी पहाड़ी क्षेत्रों की फसल है, परंतु अब पंजाब में भी इसकी काश्त होती है।
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स्ट्रॉबेरी
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर।
सुखजिंदर सिंह के पिता बलकार सिंह ने बताया कि वह लंबे समय से कृषि विभाग से जुड़े हैं। विभाग की सलाह से उन्होंने फार्म का नाम ‘ग्रीन गोल्ड’ रखकर खुद मार्केटिंग की, जिससे उनका सारा माल खेत में ही बिक जाता है। इस मौके पर रेशम सिंह फील्ड अधिकारी (रिटा.) और परमिंदर कुमार कृषि विस्तार अधिकारी मौजूद रहे।