'VIP कल्चर ने देश के लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। आम लोगों को उनके नेता से दूर किया है।'
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी गाड़ी से भी लालबत्ती हटा दी है और अपने मंत्रियों और विधायको को भी लालबत्ती हटाने को बोला है, लेकिन एक विधायक ने विरोध करते हुए सोमवार को यह बोल दिया था कि, 'मैं तो लालबत्ती वाली कार में ही बैठूंगा, बड़ी मुश्किल से मिली है।
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
इसके बाद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य से वीआईपी कल्चर को खत्म करने के अपने वादे को मंगलवार को भी दोहराया है। साथ ही सभी सियासी पार्टियों के लोगों से इसमें सहयोग मांगा है। क्योंकि प्रगतिशील समाज में लाल बत्ती जैसी चीजों की कोई जगह नहीं है।
कैप्टन ने कहा कि कर्ज के बोझ तले डूबे सूबे केलिए एक छोटा सा कदम भी सहायक होगा। कुछ नेताओं की ओर से लाल बत्ती न हटाने की बातों पर प्रतिक्रिया जताते हुए सीएम ने कहा कि उनकी सरकार सूबे में वीआईपी कल्चर खत्म करने को लेकर वचनबद्ध है। ऐसी चीजें आजादी से पहले की बातें हैं।
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VIP कल्चर पर नई सरकार का एक और प्रहार
सीएम ने कहा कि हमारे जैसे लोकतांत्रिक समाज में इनकी कोई जगह नहीं है। उन्हें सरकार और पार्टी में अपने सहयोगियों और दूसरे निर्वाचित विधायकों से कहा कि इसे प्रतिष्ठा का सवाल न बनाएं। वीआईपी कल्चर ने देश के लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। आम लोगों को उनके नेता से दूर किया है।