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कहीं आप भी तो इस बीमारी की चपेट में नहीं, जानिए क्या है ये नया खतरा

Wed, 22 Mar 2017 11:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब) Updated Wed, 22 Mar 2017 11:07 AM IST
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now arthritis create problem for youth
आर्थराइटिस की समस्या
युवाओं को इस समय एक भयानक बीमारी ने जकड़ लिया है। आपने इस बीमारी के बारे सुना होगा। जानिए क्या है इसके लक्षण और कैसे करें इससे बचाव।
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अर्थराइटिस
इस बीमारी का नाम है अर्थराइटिस। पहली बार सुनने में आपको यह लगेगा कि अर्थराइटिस तो उम्रदराज महिलाओं को होता है। लेकिन अब देश की आधी से ज्यादा आबादी यानि युवा भी इस बिमारी की चपेट में आने लगे हैं। अर्थराइटिस का नाम सुनते ही लगता है ये तो एक आम बीमारी है, लेकिन ऐसा है नहीं। ये आम बीमारी आपको जितनी आम लगती है उतनी ही खतरनाक है। 
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आर्थराइटिस की समस्या
पहले एक भ्रम था कि ये बढ़ती उम्र के साथ ही होती है, लेकिन हालिया शोध बताते हैं कि अर्थराइटिस केवल बुजुर्ग या उम्रदराज लोगों को ही नहीं होती बल्कि आज की युवा पीढ़ी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। अब 30 साल की उम्र में ही आर्थराइटिस की समस्या आने लगी है। घुटने के अंदर ग्रीस नर्म होने की वजह से दर्द रहने लगता है और सही इलाज नहीं होने पर घुटना बदलवाने की जरूरत भी पड़ सकती है। दूसरी तरफ दर्द के शुरुआती दौर में ही अगर एक विशेष इंजेक्शन लगवा लिया जाए तो दर्द के साथ-साथ ऑपरेशन से भी निजात मिल सकती है।
 
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आर्थराइटिस की समस्या
ईवा अस्पताल के ज्वाइंट रिप्लेसमेंट स्पेशलिस्ट डॉ. तनवीर सिंह भुटानी के मुताबिक घुटने पर पुरानी चोट होने, एक्सीडेंट या घुटने की ग्रीस नर्म होने के कारण दर्द रहने लगता है। कुर्सी पर बैठकर एकदम से उठने पर तेज दर्द होता है। इसे प्री-आर्थराइटिस कहा जाता है। अगर यही स्थिति 12 माह तक रह जाए तो घुटने बदलवाने की नौबत भी आ सकती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि 30 साल की उम्र में ही यह समस्या आने लगती है। डॉ. भुटानी के मुताबिक इस इंजेक्शन की वजह से नर्म हुई ग्रीस फिर से ठीक हो जाती है और घुटने के अंदर ही जरूरी रिपेयर होने के कारण दर्द खत्म हो जाता है। इसके उपयोग के बाद घुटना रिप्लेस कराने की जरूरत भी कम ही पड़ती है।
 
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आर्थराइटिस की समस्या
बीमारी के लक्ष्‍ाण: जोड़ों में काफी समय तक दर्द रहना, हड्डियों में खिंचाव रहना। कई बार दर्द ज्यादा होने से बुखार भी आता है। नींद न आना और दवाओं का कुछ खास असर न होना। जोड़ों में लगातार सूजन और अकड़न महसूस होना। उठने-बैठने और रोजमर्रा के काम करने में तकलीफ होना। एलोवेरा का सेवन केवल अर्थराइटिस के दर्द में ही आराम नहीं देता बल्कि अन्‍य बहुत सी बीमारियों में भी यह फायदेमंद है। एलोवेरा आपके इम्‍यून सिस्‍टम और ऊर्जा के स्‍तर को मजबूत करता है।
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