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'मैं दर्द से कराह रही थी...बच्चे को बचाने के लिए हाथ जोड़ रही थी, लोग तमाशबीन बने रहे'
दीपक शाही/ भव्य नरेश/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Fri, 16 Mar 2018 09:57 AM IST
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पंचकूला में विरोध प्रदर्शन
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लोगों में इंसानियत मर गई है। मैं दर्द से कराह रही थी, गर्भ में पल रहे बच्चे को बचाने के लिए हाथ पैर जोड़ रही थी, पर किसी का दिल नहीं पसीजा, दर्दनाक कहानी...
पंचकूला में विरोध प्रदर्शन
ये दास्तां है, उस महिला की जो हादसे में पति और चार साल की बेटी गवां चुकी थी। खुद की भी दोनों टांगें टूटी हुई थी और गर्भ में आठ महीने का बच्चा पल रहा था, जिसकी जान पर बनी थी। उसकी आखिरी उम्मीद, जिसकी धड़कने बुधवार को एंबुलेंस के पहियों पर टिकी थी। जब भी एंबुलेंस का पहिया कहीं थमता, दर्द से कराहती मां घबरा जाती, कि कहीं उसके बच्चे की धड़कने थम न जाएं। उसके घर का आखिरी चिराग न बुझ जाए।
पंचकूला में विरोध प्रदर्शन
लेकिन एंबुलेंस में तड़पती एक मां पंचकूला-चंडीगढ़ बार्डर पर तैनात पुलिस के सामने बेबस पड़ गई। महिला एंबुलेंस से बाहर आकर पुलिस कर्मियों से गुहार लगाना चाहती थी, कि एंबुलेंस को जाने के लिए रास्ता तो दे दो। पर क्या करें महिला की विवशता तो देखिए उसके दोनों पैर टूटे हुए थे और पैरों पर पट्टियां बंधी थीं। ऐसे में एक महिला अपने बच्चे की सलामती के लिए किसके सामने गिड़गिड़ाए।
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पंचकूला में विरोध प्रदर्शन
एंबुलेंस में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने भी पुलिस के सामने एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए हाथ जोड़े, महिला की स्थिति के बारे में पुलिस कर्मियों को अवगत भी करवाया, लेकिन पुलिस की निष्ठुरता तो देखिए एंबुलेंस को अस्पताल ले जाने के लिए बैरियर तक नहीं हटाए गए। मामला हरियाणा के पंचकूला का है। महिला हादसे में घायल हो गई थी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की हालत नाजुक थी, इसलिए उसको पंचकूला से जीएमसीएच रेफर किया गया।
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पंचकूला में विरोध प्रदर्शन
यमुनानगर में सड़क हादसे में हुई थी पति और बेटी की मौत
नारायणगढ़ में सडोरा रोड पर आमली गांव के पास बुधवार को दिन में करीब साढ़े 12 बजे सड़क हादसा हुआ। इसमें महिला (कविता) का पति, उसकी चार साल की बेटी व सास की डेथ हो गई। महिला को तुरंत एंबुलेंस नारायणगढ़ सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। जहां इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों ने महिला के दोनों पैरों में फ्रैक्चर बताया। वहीं जांच में महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ के जीएमसीएच रेफर कर दिया गया।
नारायणगढ़ में सडोरा रोड पर आमली गांव के पास बुधवार को दिन में करीब साढ़े 12 बजे सड़क हादसा हुआ। इसमें महिला (कविता) का पति, उसकी चार साल की बेटी व सास की डेथ हो गई। महिला को तुरंत एंबुलेंस नारायणगढ़ सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। जहां इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों ने महिला के दोनों पैरों में फ्रैक्चर बताया। वहीं जांच में महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ के जीएमसीएच रेफर कर दिया गया।