पीजीआई चंडीगढ़ ने मंगलवार को एक और ऐतिहासिक इबारत लिख डाली। संस्थान के एंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट ने न्यूक्लियर मेडिसिन के सहयोग से गंभीर बीमारी में शामिल कुशिंग सिंड्रोम का पता लगाने के लिए एक सटीक तरीका खोज निकाला। डॉक्टरों के मुताबिक, इस बीमारी को पकड़ने के लिए अब तक एमआरआई का सहारा लिया जाता था लेकिन इससे सिर्फ 60 फीसदी मरीजों को ही फायदा होता था लेकिन अब इस बीमारी को ढूंढने के लिए पीजीआई के डॉक्टर विशेष तरह के पेट स्कैन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो 99 फीसदी सटीक परिणाम देता है। पीजीआई के मुताबिक, इसे सीआरएच पेट स्कैन कहते हैं। इसके साथ पीजीआई विश्व का पहला ऐसा संस्थान बन गया है, जो इस तरीके से कुशिंग बीमारी को पकड़ रहा है। पीजीआई के एंडोक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय भडाडा ने बताया कि कुशिंग सिंड्रोम कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक बीमारी है।
कैंसर से भी खतरनाक है ये बीमारी : पीजीआई चंडीगढ़ ने खोजा जांच का सटीक तरीका, दुनिया का पहला संस्थान बना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 17 Mar 2021 01:08 AM IST
सार
- पीजीआई विश्व का पहला संस्थान, जिसने दुर्लभ बीमारी का पता लगाने के लिए ढूंढा नया तरीका
- कुशिंग बीमारी के लिए विशेष तरह का पेट स्कैन करेंगे, एमआरआई से सिर्फ 60 फीसदी को फायदा
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