फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

काला धन सफेद करने के लिए कुछ ऐसा करने लगे लोग, अधिकारी चौंके

Fri, 11 Nov 2016 02:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 11 Nov 2016 02:14 PM IST
विज्ञापन
People began to do something for money laundering, officials surprised
- फोटो : अमर उजाला

500 और 1000 के नोट बंद होते ही काले धन को सफेद करने के लिए लोगों ने एक नया रास्ता खोज लिया है। धड़ाधड़ काम चल रहा है। देखिए।

People began to do something for money laundering, officials surprised
आ गए 500 और 2000 के नए नोट

पंजाब में ऐसा करने के लिए लोगों ने धर्म का सहारा लिया है। अलग-अलग जिलों में कुछ मान्यता प्राप्त गुरुद्वारों व मंदिरों में ऐसे नोटों को देकर वहां से सौ-सौ रुपये के नोट हासिल किए जाते रहे। ऐसा लुधियाना, पटियाला, अमृतसर सहित अन्य जिलों में भी किए जाने की सूचना है। जिन लोगों के संबंध मंदिर या गुरुद्वारों के चढ़ावे को संभालने वालों से थे उनके द्वारा पांच सौ व हजार रुपये के नोट वहां देकर सौ-सौ रुपये के नोट हासिल किए गए। 

People began to do something for money laundering, officials surprised

चूंकि धार्मिक स्थल में चढ़ावे के पैसे उतने ही रहे, सिर्फ नोट ही बदले इसलिए इस काम में कोई परेशानी नहीं हुई। प्रदेश में कई मंदिर व गुरुद्वारे ऐसे हैं जहां प्रतिदिन लाखों में चढ़ावा चढ़ता है। अमृतसर में ही दो प्रमुख धार्मिक स्थलों में श्रद्धालु करीब 45 लाख रुपये प्रतिदिन चढ़ाते हैं। ऐसी स्थिति में बहुत सारे सौ-सौ के नोट वहां पर चढ़ाए जाते हैं। इसका हिसाब भी नहीं रखा जाता कि कितने सौ-सौ रुपये के नोट चढ़ाए गए और कितने पांच सौ या हजार के।

विज्ञापन
विज्ञापन
People began to do something for money laundering, officials surprised
note
पता चलने पर कार्रवाई होगी : प्रिंसिपल कमिश्नर ऑफ इन्कम टैक्स अमृतसर-1 के एसजे सिंह ने कहा कि यदि ऐसा किया गया है तो यह गलत है। इसके बारे में जानकारी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दो लाख रुपये तक के नोट तो बैंकों में जमाकर उसके बदले दूसरे नोट हासिल किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
People began to do something for money laundering, officials surprised
note - फोटो : अमर उजाला

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रवक्ता व अतिरिक्त सचिव दिलजीत सिंह बेदी ने बताया कि एसजीपीसी के मुख्य सचिव ने गुरुद्वारा एक्ट 85 के तहत आते सभी मैनेजरों को हिदायत दी है कि आठ नवंबर तक गुरुद्वारा साहिब के खजाने व हाथ की बाकी रकम की डीटेल कैश बुक, खजाना रजिस्टर में बनाकर भेजी जाए। मौजूदा राशि में 500 व एक हजार रुपये के नोट तुरंत दस नवंबर शाम तक बैंकों में जमा करवाए दिए जाएं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed