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Chandigarh-Haryana News: चुलकाना धाम का प्रबंधन संभालेगा बोर्ड, दो महिलाएं भी होंगी सदस्य
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शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल मानसून सत्र में पेश करेंगे विधेयक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पानीपत में चुलकाना के प्रसिद्ध श्री श्याम बाबा धाम के प्रबंधन को लेकर हरियाणा सरकार ने नए विधेयक का आधिकारिक मसौदा जारी किया है। इसके तहत मंदिर व उससे जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन के लिए एक बोर्ड बनाया जाएगा। खास बात यह है कि बोर्ड में नामित किए जाने वाले सात सदस्यों में ऐसी दो महिलाएं होंगी जिन्होंने महिला उत्थान के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया हो। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल आगामी मानसून सत्र में इस विधेयक को विधानसभा में पेश करेंगे।
विधेयक के अनुसार बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री और उपाध्यक्ष शहरी स्थानीय निकाय मंत्री होंगे। पानीपत के उपायुक्त सदस्य सचिव होंगे। समालखा के एसडीएम को बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को कार्यकारी अधिकारी बनाया जाएगा। सरकार सात सदस्यों को नामित करेगी। इनमें धर्म और संस्कृति, महिला कल्याण व प्रशासन, कानून और वित्त जैसे क्षेत्रों के लोगों को शामिल किया जाएगा। बोर्ड में एक ऐसे व्यक्ति को भी सदस्य बनाया जाएगा जिसकी हिंदी भाषा या हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अच्छी पहचान हो। इसके अलावा चुलकाना की श्री श्याम मंदिर सेवा समिति की ओर से एक प्रतिनिधि को भी बोर्ड का सदस्य बनाया जाएगा।
बोर्ड मंदिर की संपत्तियों, दान और पूजास्थल निधि का प्रबंधन करेगा। इस राशि का इस्तेमाल मंदिर के रखरखाव, पूजा-पाठ, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, शिक्षा व तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था के लिए किया जाएगा। मंदिर की संपत्ति का पूरा रिकॉर्ड रखने के लिए रजिस्टर बनाया जाएगा और उसका हर साल सत्यापन होगा। खातों का सालाना ऑडिट चार्टर्ड अकाउंटेंट से कराया जाएगा। विधेयक में पुजारियों की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। मौजूदा पुजारियों के अधिकार समाप्त होने के बाद मुआवजे की सिफारिश के लिए अधिकरण बनाया जाएगा। नए पुजारियों की नियुक्ति बोर्ड पांच साल के लिए करेगा। पुजारी बनने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष रखी गई है। बोर्ड की बैठक में कम से कम पांच सदस्यों की मौजूदगी जरूरी होगी। यदि बोर्ड अपने काम में असफल रहता है या शक्तियों का दुरुपयोग करता है तो सरकार जांच और सुनवाई के बाद उसे भंग कर सकती है और अधिकतम तीन महीने तक उसकी शक्तियां अपने हाथ में ले सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पानीपत में चुलकाना के प्रसिद्ध श्री श्याम बाबा धाम के प्रबंधन को लेकर हरियाणा सरकार ने नए विधेयक का आधिकारिक मसौदा जारी किया है। इसके तहत मंदिर व उससे जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन के लिए एक बोर्ड बनाया जाएगा। खास बात यह है कि बोर्ड में नामित किए जाने वाले सात सदस्यों में ऐसी दो महिलाएं होंगी जिन्होंने महिला उत्थान के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया हो। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल आगामी मानसून सत्र में इस विधेयक को विधानसभा में पेश करेंगे।
विधेयक के अनुसार बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री और उपाध्यक्ष शहरी स्थानीय निकाय मंत्री होंगे। पानीपत के उपायुक्त सदस्य सचिव होंगे। समालखा के एसडीएम को बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को कार्यकारी अधिकारी बनाया जाएगा। सरकार सात सदस्यों को नामित करेगी। इनमें धर्म और संस्कृति, महिला कल्याण व प्रशासन, कानून और वित्त जैसे क्षेत्रों के लोगों को शामिल किया जाएगा। बोर्ड में एक ऐसे व्यक्ति को भी सदस्य बनाया जाएगा जिसकी हिंदी भाषा या हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अच्छी पहचान हो। इसके अलावा चुलकाना की श्री श्याम मंदिर सेवा समिति की ओर से एक प्रतिनिधि को भी बोर्ड का सदस्य बनाया जाएगा।
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बोर्ड मंदिर की संपत्तियों, दान और पूजास्थल निधि का प्रबंधन करेगा। इस राशि का इस्तेमाल मंदिर के रखरखाव, पूजा-पाठ, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, शिक्षा व तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था के लिए किया जाएगा। मंदिर की संपत्ति का पूरा रिकॉर्ड रखने के लिए रजिस्टर बनाया जाएगा और उसका हर साल सत्यापन होगा। खातों का सालाना ऑडिट चार्टर्ड अकाउंटेंट से कराया जाएगा। विधेयक में पुजारियों की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। मौजूदा पुजारियों के अधिकार समाप्त होने के बाद मुआवजे की सिफारिश के लिए अधिकरण बनाया जाएगा। नए पुजारियों की नियुक्ति बोर्ड पांच साल के लिए करेगा। पुजारी बनने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष रखी गई है। बोर्ड की बैठक में कम से कम पांच सदस्यों की मौजूदगी जरूरी होगी। यदि बोर्ड अपने काम में असफल रहता है या शक्तियों का दुरुपयोग करता है तो सरकार जांच और सुनवाई के बाद उसे भंग कर सकती है और अधिकतम तीन महीने तक उसकी शक्तियां अपने हाथ में ले सकती है।
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