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अमर उजाला ने लगाई पुलिस की पाठशाला, देखिए छात्रों ने पूछे कैसे सवाल?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 23 Sep 2016 10:05 PM IST
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से लगाई गई पुलिस की पाठशाला
- फोटो : अमर उजाला
स्कूल में पुलिस की पाठशाला आयोजित की गई तो छात्रों ने अफसरों से तरह-तरह के सवाल पूछे, जिनके उन्होंने दिलचस्प जवाब भी दिए।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से लगाई गई पुलिस की पाठशाला
- फोटो : अमर उजाला
गर्वनमेंट मॉडल सीनियर सैकेंडरी स्कूल सेक्टर 33 में अमर उजाला चंडीगढ़ की ओर से ट्रैफिक पुलिस की पाठशाला लगाई गई। इसमें डीएसपी यशपाल विनायक, इंस्पेक्टर ट्रैफिक परमजीत कौर और सेक्टर 34 पुलिस स्टेशन के एसएचओ बलजीत सिंह शामिल हुए। डीएसपी यशपाल ने छात्रों को टू व्हीलर चलाते वक्त यातायात के नियमों की पालना करने की अपील की।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से लगाई गई पुलिस की पाठशाला
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर परमजीत कौर ने छात्रों से चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के फेसबुक पेज को लाइक करने को कहा। परमजीत कौर ने छात्रों से अपील की कि वो अगर शहर में हो रहे यातायात नियमों के हो रहे बदलावों या किसी तरह की कोई अपडेट चाहते है तो फेसबुक पेज से जुड़े। उन्हें ट्रैफिक पुलिस से जुड़ी हर अपडेट मिलती रहेगी। साथ ही उन्होंने विशेषतौर पर लड़कियों से हेल्मेट पहनने की अपील की।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से लगाई गई पुलिस की पाठशाला
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अफसरों ने स्टूडेंट्स को बताया कि 16 से 18 साल तक की उम्र तक के लड़के लड़कियों के लिए सिर्फ 50 सीसी तक के वाहनों का ही लार्निगिं लाइसेंस बनाया जाता है। जबकि ज्यादातर किशोर बिना लाइसेंस के ही गाड़ी चलाते है। जब कम बिना लाइसेंस के किशोर किसी हादसे में पकड़े जाते है तो उनके मां बाप को पकड़ा जाता है। कार्यक्रम में छात्रों ने पुलिस वालों से सीधे व तीखे कई सवाल भी दागे।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से लगाई गई पुलिस की पाठशाला
- फोटो : अमर उजाला
नॉन मेडिकल के छात्र तन्मय ने डीएसपी से पूछा कि अक्सर देखा जाता है कि ट्रैफिक वाले सड़क पर एक फोन आने पर तुरंत कैसे किसी को बिना चालान किए छोड़ देते है? जिस पर डीएसपी ने बताया कि शहर में पुलिस पर किसी की सिफारिश नही चलती। कई बार ये होता है कि किसी को मेडिकल या अन्य कोई इमरजेंसी होती है तो पुलिस उनके साथ थोड़ी नरमी बरतते हुए उनको छोड़ देती है।