पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दौरा कर चुके हैं। केजरीवाल 13 जनवरी को आएंगे, लेकिन सांसद विनोद खन्ना अभी तक गायब हैं। देखिए, गुस्से की लहर।
पठानकोट में लगे पोस्टर, विनोद खन्ना 'लापता', गुस्से में लोग
पठानकोट में बीजेपी सांसद विनोद खन्ना के लापता होने के पोस्टर शहर में जगह-जगह चिपकाए गए हैं। दरअसल पठानकोट के लोग इस बात को लेकर नाराज हैं कि गुरदासपुर आतंकी हमले के 12 दिन बीत जाने के बाद भी विनोद खन्ना पीड़ित परिवारों का हाल चाल जानने नहीं पहुंचे। इसी बात से नाराज होकर लोगों ने विनोद खन्ना के खिलाफ जमकर प्रदर्शन भी किया।
पठानकोट में लगे पोस्टर, विनोद खन्ना 'लापता', गुस्से में लोग
हल्का सुजानपुर में कांग्रेस किसान व खेत मजदूर सेल ने गुरदासपुर के सांसद विनोद खन्ना के खिलाफ रोष मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। सेल के कार्यकर्ताओं ने सांसद के खिलाफ नारेबाजी कर उनका पुतला भी फूंका। सेल के जिला चेयरमैन ठा. अमित मंटू ने कहा कि विनोद खन्ना के हलका गुरदासपुर के क्षेत्र दीनानगर व पठानकोट में अब तक दो बार आतंकी हमला हो चुका है, जिससे लोगों में दहशत है। सांसद विनोद खन्ना ने न तो इन आतंकी हमलों का जायजा लेने की कोशिश की है और न ही शहीदों के परिवारों, सैनिकों व क्षेत्र की जनता से मिलना जरूरी समझा।
पठानकोट में लगे पोस्टर, विनोद खन्ना 'लापता', गुस्से में लोग
अमित मंटू ने ये भी आरोप लगाया कि सांसद के झूठ को छुपाने के लिए भाजपा नेता उन्हें बीमार बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर विनोद खन्ना अपनी जिम्मेदारीनिभा नहीं सकते, तो वह अपने पद से इस्तीफा दे दें, ताकि लोगों को नया सांसद मिल सके। यह कोई पहला मौका नहीं है जब लोगों ने इस बात की शिकायत की हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने सांसदों को दिशा निर्देश जारी किए हैं कि वह अधिक से अधिक समय अपने लोकसभा क्षेत्र को दें, लेकिन सांसद विनोद खन्ना का काम करने का अपना ही निराला ढंग है।
पठानकोट में लगे पोस्टर, विनोद खन्ना 'लापता', गुस्से में लोग
प्रदर्शनकारियो ने कहा की आतंकी हमले की गूंज पूरे विश्व ने सुनी पर हमारे सांसद के कानों तक इस की आवाज नहीं पहुंची। पठानकोट में अपने सांसद विनोद खन्ना के अपने लोकसभा क्षेत्र से नदारद रहने के चलते स्थानीय लोगो ने उनकी कार्यशैली से नाराज होकर उनके खिलाफ जम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने का अंदाज निराला था। लोगों ने पहले तो सांसद के खिलाफ नारेबाजी की और फिर पठानकोट के बाजारों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर उनके गुमशुदगी के पोस्टर लगाए और लोगों को पर्चे भी बांटे।