कभी स्कूल का मुंह नहीं देखा, पहलवानी करते थे लेकिन पिता ने वो भी छुड़वा दी...पर हिम्मत नहीं छोड़ी। जानिए प्यारे लाल वडाली के बारे में सब कुछ।
सूफी गायकी से दुनिया भर में करोड़ों लोगों का दिल जीतने वाले वडाली ब्रदर्स की जोड़ी टूट गई है। क्योंकि मशहूर सूफी गायक प्यारे लाल वडाली नहीं रहे। शुक्रवार 9 मार्च 2018 को पंजाब के अमृतसर में दिल का दौरा पड़ने से उनका देहांत हो गया। प्यारेलाल पिछले कुछ वक्त से बीमार चल रहे थे।
प्यारेलाल, अपने बड़े भाई पूरनचंद वडाली के साथ ही गाया करते थे। प्यारेलाल, पूरनचंद को ही अपना गुरु मानते थे। उनकी जोड़ी ने दुनियाभर में अपनी गायकी से एक अलग मुकाम बनाया था। वडाली ब्रदर्स का मशहूर पटियाला घराने से भी ताल्लुक रहा।
पूरणचंद वडाली बताते हैं कि हम दोनों भाइयों ने पहलवानी भी की। करीब ढाई दशक तक अखाड़ा ही हमारे लिए सब कुछ था। हमनें जमकर पहलवानी की और कई खिताब भी जीते। लेकिन पिता ठाकुरदास वडाली ने पहलवानी छोड़ने और संगीत सिखने के लिए कहा और हमें बात माननी पड़ी।
पूरणचंद ने बताया कि शुरु में पिता ने संगीत की शिक्षा दी। उसके बाद पंडित दुर्गादास और उस्ताद बड़े गुलाम अली खान, पटियाला घराना से स्वर साधना सीखी। 1975 में जालंधर के गांव हरवल्लभ में हमने पहली बार प्रस्तुति दी थी।