तेज रफ्तार ने दो परिवारों के इकलौते चिराग बुझा दिये। पति की पत्नी तो पत्नी का सुहाग छीन लिया। एक पिता को सदा के लिए अकेला कर दिया। तीन घायलों को ऐसा जख्म दिया कि वह पूरी जिंदगी उसकी टीस को नहीं भुला पाएंगे। हादसे में परिवार की तीन पीढ़ियों के पांच सदस्य सदा के लिए दुनिया से चले गए और अपने पीछे यादों के साथ ही गम छोड़ गए हैं।
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एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का कहना है कि यदि ट्राला चालक वाहन की गति पर नियंत्रण रखता तो शायद मासूम सहित पांच लोग जिंदा होते। तीन लोग अस्पताल में भर्ती न होते। कलानौर पुलिस ने ट्राला चालक की तलाश शुरू कर दी है।
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एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
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शादी के नौ माह बाद छूटा पति का साथ- हादसे में जान गंवाने वाले कपिल की शादी फरवरी-2016 में सरोज के साथ हुई थी। सरोज भी पति के साथ माता के दर्शन करने गई थी। शादी के नौ माह बाद ही हादसे ने सरोज से पति का साथ सदा के लिए छीन लिया। सरोज को भी सिर और पैर में चोट आई है। सरोज को तो अभी तक यह भी मालूम नहीं है कि उसका पति अब दुनिया में नहीं रहा। उसकी हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे देर शाम तक कपिल की मौत के बारे में जानकारी नहीं दी।
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दर्दनाक हादसे में घायल बच्ची
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इकलौते बेटे के एक घंटे बाद पत्नी का भी साथ छूटा- वैसे तो पूरे परिवार पर ही गम का पहाड़ टूटा है, लेकिन सेना से रिटायर्ड सुभाष के भाई पब्लिक हेल्थ में कार्यरत नरेंद्र के जीवन में सबसे बड़े दुख की घड़ी आ गई है। हादसे में नरेंद्र के इकलौते बेटे मानव की मौत हो गई तो एक घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उनकी पत्नी ज्योति ने भी साथ छोड़ दिया। नरेंद्र को भी चेहरे और गर्दन में गहरी चोटें आई हैं। वह उपचाराधीन हैं।
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सब कुछ खत्म, कैसे दूं ढांढस - मां, पत्नी, बेटे, भतीजे और भाई की पत्नी को खो चुके सुभाष हादसे के बाद से सदमे में हैं। पीजीआई डैड हाउस पहुंचे सुभाष ने बिलखते हुए कहा कि उनका सब कुछ खत्म हो गया। परिजनों को कैसे ढाढ़स दूं। वह जैसे-तैसे करके खुद को संभाल रहे थे। हादसे के बाद परिजन गांव से पीजीआई तक आने की हिम्मत नहीं जुटा सके। कुछ ही सदस्य पीजीआई पहुंचे, ताकि परिजनों को हादसे के बारे में सुनकर अचानक धक्का न लगे।