नोटबंदी का असर अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह के मेले में भी देखने को मिल रहा है। यहां पर सैलानी दुकानदारों से पूछ रहें है भैया आपके पास स्वैप मशीन है क्या?
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ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती की तस्वीरें
भैया आपके पास स्वैप मशीन है क्या? अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह के शिल्प और सरस मेले में अपनी कला के प्रदर्शन के साथ-साथ कारोबार करने पहुंचे शिल्पकारों से यह पहला सवाल ग्राहकों का होता है।
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ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती की तस्वीरें
मगर सिर हिलाकर इंकार करते ही ग्राहकों के चेहरों पर नोटबंदी की मायूसी झलक जाती है। पिछले 8 नवंबर को की गई नोटबंदी की मार अभी भी कम नहीं हो पाई है। लोगों की आम दिनचर्या के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह पर भी इसका असर देखा जा रहा है।
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ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती की तस्वीरें
हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आह्वान के बाद कैश लेस ट्रांजेक्शन का प्रचलन ब्रह्मसरोवर तट पर कुछ शिल्पकारों के पास अवश्य दिखाई दिया और आधा दर्जन शिल्पकारों के पास ही स्वैप मशीनें व डिजिटल रुप से लेन-देन की सुविधा उपलब्ध है।
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ब्रह्मसरोवर पर गीता जयंती की तस्वीरें
लेकिन अधिकतर शिल्पकार नगद ही कारोबार करने यहां पहुंचे हैं और विभिन्न राज्यों से यहां आने व मेला शुरू हो जाने के चलते अब वह अचानक ये मशीनें भी खरीद नहीं पा रहे है। ऐसे में उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है।