आस्ट्रेलिया या न्यूजीलैंड जाने की सोच रहे हैं तो यह गुड न्यूज आपके लिए है। सरकार ने वीजा को लेकर एक नियम में बड़ा बदलाव किया है, देख लीजिए।
जी हां, अब आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड समेत यूरोप जाने वालों के लिए सिंगापुर का वीजा लेने के जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा अमृतसर से 8 मार्च को नई फ्लाइट उड़ान भरेगी। यह जानकारी सांसद गुरजीत सिंह औजला ने एयरपोर्ट पर हुई बैठक में विदेशी एयरलाइंस के साथ हुए समझौते के बाद कहा। अब तक अमृतसर से स्कूट हवाई सेवा कंपनी की फ्लाइट से आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड समेत यूरोप जाने वाले यात्रियों के लिए सिंगापुर का वीजा लेना लाजिमी था।
दूसरी ओर, आस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने के लिए वीजा लेना और दाखिला लेना आसान हो गया है, क्योंकि कुछ नियम बदल दिए गए हैं। आस्ट्रेलिया सरकार ने भारत को लो रिस्क कैटेगरी (कैटेगरी-2) में शामिल कर दिया है। इससे भारतीय विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी। अब उनके लिए आस्ट्रेलिया की 40 यूनिवर्सिटियों में दाखिला लेना आसान हो जाएगा।
भारतीय विद्यार्थियों के वीजा नियम भी सरल हो गए हैं। भारत के साथ इस श्रेणी में नेपाल और श्रीलंका भी हैं। 2008 में भारत को हाई रिस्क कैटेगरी में शामिल किया गया था। इस वजह से देश के विद्यार्थियों को कई तरह के दस्तावेजों के अलावा कड़े नियम से गुजरना पड़ता था। हालात ये थे कि भारत के विद्यार्थी सिर्फ 8-10 यूनिवर्सिटी में आसानी से दाखिला लेने के बाद वीजा ले सकते थे।
इन संस्थानों में डैकेन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सिडनी, मेलबोर्न यूनिवर्सिटी, रायल मेलबोर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मोनाश यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल भी शामिल थे। वहीं बाकी संस्थानों में वीजा लेना काफी मुश्किल था। विद्यार्थियों का हर दस्तावेज न केवल क्रास चेक होता था, बल्कि नियम काफी सख्त और कड़े थे।