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निरंकारी मिशन की नई प्रमुख पहली बार चंडीगढ़ में, आप भी कर लें दर्शन

Mon, 10 Oct 2016 09:23 AM IST
गौरव चौहान/अमर उजाला, पंचकूला
गौरव चौहान/अमर उजाला, पंचकूला Updated Mon, 10 Oct 2016 09:23 AM IST
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nirankari mission first lady head mata savinder kaur in chandigarh for samagam
निरंकारी मिशन प्रमुख माता सविंदर कौर का समागम - फोटो : अमर उजाला
निरंकारी मिशन की पहली महिला प्रमुख सविंदर हरदेव जी पहली बार चंडीगढ़ आईं तो उन्हें सुनने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। आप भी कीजिए दर्शन।
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निरंकारी मिशन प्रमुख माता सविंदर कौर का समागम - फोटो : अमर उजाला
मनीमाजरा के मौली जागरां स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन के ग्राउंड में रविवार को विशाल समागम का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता सविंदर हरदेव जी के दर्शन करने और प्रवचन सुनने के लिए पहुंचे।

 
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निरंकारी मिशन प्रमुख माता सविंदर कौर का समागम - फोटो : अमर उजाला
निरंकारी मिशन के प्रमुख का कार्यभार संभालने के बाद दिल्ली से बाहर माता जी का यह पहला कार्यक्रम था। इस मौके पर बहुत से श्रद्धालुओं की आखें बाबा हरदेव जी को याद करके नम हो गईं।
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निरंकारी मिशन प्रमुख माता सविंदर कौर का समागम - फोटो : अमर उजाला
अपने प्रवचन के दौरान माता सविंदर हरदेव जी ने कहा कि जिस प्रकार किसान खेती करता है उसमें बीज भी अच्छा और खाद भी अच्छी डालता है मेहनत भी पूरी करता है, लेकिन यदि उसमें पानी खारा डाल देता है तो फसल अच्छी नहीं होती। फसल अच्छी न होने से हानि होती है, उसी प्रकार यदि हमारे जीवन में प्यार, नम्रता, सहनशीलता, इन्सानियत है और हम निरंतर्र सत्संग सुनतते हैं, लेकिन हमारी वाणी में कड़वाहट है तो हमारा जीवन सुखमयी नहीं हो सकता।
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निरंकारी मिशन प्रमुख माता सविंदर कौर का समागम - फोटो : अमर उजाला
निरंकारी सत्गुरु माता जी ने बाबा हरदेव सिंह जी के प्रवचनों को याद दिलाते हुए कहा कि जिस प्रकार चीनी की बोरी में से जहां से भी निकाली जाए, चीनी ही निकलती है। उसी प्रकार संतों-महात्माओं का जीवन होता है। अर्थात् उनके मुख से भी हर समय मीठी वाणी निकलती है। गुस्से वाली या कड़वी भाषा को कोई नहीं समझ सकता, लेकिन प्यार की भाषा को हर कोई समझ लेता है चाहे वो किसी भी देश का रहने वाला हो।

 
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